Sawan Shaniwar : सावन का शनिवार भी होता है खास, इन देवताओं की पूजा करने से मिलेगी हर समस्‍या का हल

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सावन
में
शनिदेव
और
शिवजी
की
पूजा

ऐसा
कहा
जाता
है
कि,
भगवान
शिव,
शनिदेव
के
गुरु
हैं।
बल्कि
भोलेनाथ
ने
ही
शनिदेव
को
न्यायाधीश
का
पद
दिया
था।
जिसके
फलस्वरूप
शनि
देव
मनुष्यों
को
कर्मों
के
अनुसार
फल
देते
हैं।
इसलिए
श्रावण
के
महीने
में
जो
भी
भगवान
शिव
के
साथ
साथ
शनि
देव
की
उपासना
करता
है,
उसको
शुभ
फलों
की
प्राप्ति
होती
हैं।
इसके
अलावा
भगवान
शिव
के
अन्य
अवतार
पिप्पलाद,
भैरव
तथा
रुद्रावतार
हनुमान
जी
की
पूजा
भी
शनि
के
प्रकोप
से
हमारी
रक्षा
करती
है।

सावन में शनिदेव और शिवजी की पूजा

सावन
में
शनिदेव
और
शिवजी
की
पूजा

ऐसा
कहा
जाता
है
कि,
भगवान
शिव,
शनिदेव
के
गुरु
हैं।
बल्कि
भोलेनाथ
ने
ही
शनिदेव
को
न्यायाधीश
का
पद
दिया
था।
जिसके
फलस्वरूप
शनि
देव
मनुष्यों
को
कर्मों
के
अनुसार
फल
देते
हैं।
इसलिए
श्रावण
के
महीने
में
जो
भी
भगवान
शिव
के
साथ
साथ
शनि
देव
की
उपासना
करता
है,
उसको
शुभ
फलों
की
प्राप्ति
होती
हैं।
इसके
अलावा
भगवान
शिव
के
अन्य
अवतार
पिप्पलाद,
भैरव
तथा
रुद्रावतार
हनुमान
जी
की
पूजा
भी
शनि
के
प्रकोप
से
हमारी
रक्षा
करती
है।

समस्त सुख मिलेंगे भगवान नृसिंह की पूजा से

समस्त
सुख
मिलेंगे
भगवान
नृसिंह
की
पूजा
से

स्कन्द
पुराण
के
अनुसार
सावन
के
शनिवार
को
भगवान
नृसिंह
की
पूजा
विशेषकर
करनी
चाहिए।
इस
दिन
आपको
सुबह
तिल
का
उबटन
लगाकर
नहाना
चाहिए।
फिर
विधिवत
भगवान
नृसिंह
की
पूजा
करने
के
बाद
उड़द
की
दाल
से
बनी
खिचड़ी
का
भोग
लगाना
चाहिए।
फिर
ब्राह्मणों
को
भी
प्रसाद
का
भोजन
करवा
कर
दक्षिणा
देनी
चाहिए।
ऐसा
करने
से
भगवान
नृसिंह
प्रसन्न
होकर
अपने
भक्त
को
समस्त
सुख
पाने
का
आशीर्वाद
देते
है।





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