MP हरभजन ने उठाया अफगान सिखों का मुद्दा: राज्यसभा में बोले पूर्व क्रिकेटर- अफगानिस्तान में सिर्फ 150 सिख बचे, उन्हें बचाए केंद्र सरकार

0
12
Advertisement


चंडीगढ़2 मिनट पहले

पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने अफगानी सिखों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। बुधवार को राज्यसभा में हरभजन सिंह ने कहा कि तालिबान के सत्ता में आने के बाद वहां सिर्फ 150 सिख बचे हैं। केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखाए।

हरभजन ने कहा कि अफगानिस्तान में सिखों और गुरूद्वारों पर हमले से सिखों की भावनाएं आहत हो रही हैं। यह सिखों की पहचान पर हमला हो रहा है। क्यों हमें निशाना बनाया जा रहा है?। कोविड के दौरान गुरुद्वारों ने सिर्फ भोजन ही नहीं बल्कि ऑक्सीजन तक उपलब्ध कराई।

काबुल के गुरुद्वारा दशमेश पिता साहिब जी कर्ते परवान में हमले के बाद निकलता धुआं

सिख समुदाय हर अच्छे काम में आगे, ऐसा सलूक क्यों?
देश की आजादी, जीडीपी, रोजगार और दान-धर्म में सिख समुदाय हमेशा आगे रहा है। सिख समुदाय भारत और दूसरे देशों के संबंधों में मजबूत कड़ी रहा है। सिख साहस और पराक्रम के लिए जाने जाते हैं। फिर हमारे साथ ऐसा सलूक क्यों?।

सिखों पर लगातार हमले हो रहे
सांसद ने कहा कि 18 जून को काबुल में गुरुद्वारा दशमेश पिता साहिब जी कर्ते परवान में कई धमाके हुए। परिसर की तरफ जाने वाले किले और दरवाजे पर गोलियां चलाई। जिसमें 2 लोगों की मौत और कई घायल हुए। 25 मार्च 2020 को IS के बंदूकधारी हमलावरों ने रायसाहिब गुरूद्वारे पर हमला किया। इमारत में 200 लोग थे। जिसमें महिलाओं समेत 25 सिखों की मौत हुई। उनके अंतिम संस्कार के अगले दिन फिर हमला हुआ। 2018 में भी पूर्वी शहर जलालाबाद में हमला हुआ।

1980 में 2.20 लाख सिख और हिंदू थे, अब 150 रह गए
सांसद हरभजन सिंह ने कहा कि अफगानिस्तान कभी हजारों सिखों और हिंदुओं का घर था। अब यह मुट्‌ठी भर रह गए हैं। 1980 के दशक में 2.20 लाख सिख और हिंदू रहते थे। 1990 के दशक में यह आंकड़ा 15 हजार और 2016 में 1350 रह गया है। जलालाबाद हमले के वक्त 1500 सिख थे। तालिबान के सत्ता में लौटने से 300 सिख और कम हो गए हैं। अब वहां 150 के आसपास सिख रह गए हैं।



Source link

Advertisement