Kundali: क्या आपकी कुंडली में है अचानक धन आने का योग?

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Astrology

lekhaka-Gajendra sharma

|

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नई
दिल्ली,
11
जुलाई।

प्रत्येक
व्यक्ति
धनवान
बनना
चाहता
है।
कई
लोगों
को
पैतृक
संपत्ति
इतनी
मिल
जाती
है
कि
उन्हें
पूरे
जीवन
धन
कमाने
की
चिंता
नहीं
करनी
पड़ती
जबकिकुछ
लोगों
का
पूरा
जीवन
दौड़भाग
करते
हुए
बीत
जाता
है
किंतु
वे
जीवन
जीने
लायक
धन
अर्जित
नहीं
कर
पाते।
कुछ
लोगों
को
अचानक
कहीं
से
बड़ी
धन
राशि
प्राप्त
हो
जाती
है।

Kundali: क्या आपकी कुंडली में है अचानक धन आने का योग?

वैदिक
ज्योतिष
में
अकस्मात
धन
प्राप्ति
के
अनेक
योग
मिलते
हैं।
कुंडली
में
धन
लाभ
करवाने
वाले
मुख्य
ग्रह
द्वितीयेश
एवं
लाभेश
हैं।
द्वितीय
एवं
एकादश
दोनों
भावों
का
कारक
ग्रह
बृहस्पति
होता
है
और
अकस्मात
फल
देने
वाले
ग्रह
हैं
राहु
और
केतु।
इसलिए
कुंडली
में
द्वितीय
भाव,
एकादश
भाव,
द्वितीयेश,
एकादशेश,
बृहस्पति,
राहु,
केतु
की
स्थिति
जितनी
प्रबल
होगी
आकस्मिक
धन
प्राप्ति
के
योग
उतने
ही
अच्छे
बनेंगे।

राहु-केतु की शांति के लिए 18 शनिवार करें व्रतराहु-केतु
की
शांति
के
लिए
18
शनिवार
करें
व्रत


यह
हैं
कुछ
प्रमुख
योग

  • लग्नेश
    दूसरे
    भाव
    में
    तथा
    दूसरे
    भाव
    का
    स्वामी
    लाभ
    भाव
    में
    हो।
  • नवम
    भाव
    में
    राहु
    हो
    तथा
    नवमेश
    बलवान
    हो।
  • चंद्रमा
    से
    तीसरे,
    छठे,
    दसवें,
    11वें
    स्थानों
    में
    शुभ
    ग्रह
    हों।
  • पंचम
    भाव
    में
    चंद्र
    एवं
    मंगल
    हो,
    तथा
    पंचम
    भाव
    पर
    शुक्र
    की
    दृष्टि
    हो।
  • चंद्र-मंगल
    योग
    हो,
    धनेश
    एवं
    लाभेश
    चतुर्थ
    भाव
    में
    स्थित
    हों
    तथा
    चतुर्थेश
    शुभ
    स्थान
    में
    हो।
  • गुरु
    नवम
    भाव
    में
    कर्क
    या
    धनु
    राशि
    का
    हो
    तथा
    मकर
    का
    मंगल
    चंद्रमा
    के
    साथ
    दशम
    भाव
    में
    हो।
  • मेष
    लग्न
    की
    कुंडली
    में
    चतुर्थ
    भाव
    में
    गुरु,
    सप्तम
    भाव
    में
    शनि
    तथा
    अष्टम
    भाव
    में
    शुक्र
    हो
    तथा
    चंद्र

    मंगल
    कहीं
    एक
    साथ
    हो।
  • द्वितीय
    भाव
    में
    मंगल
    तथा
    गुरु
    की
    युति
    हो।
  • बुध
    पंचम
    भ्घाव
    में
    हो
    तथा
    अष्टमेष
    धन
    भाव
    में
    हो।
  • दशमेश
    एवं
    धनेश
    केंद्र
    या
    त्रिकोण
    में
    हो।
  • गुरु
    नवमेश
    होकर
    अष्टम
    भाव
    में
    हो।
  • राहु
    द्वितीय
    भाव
    में
    बैठा
    हो
    और
    द्वितीय
    भाव
    का
    स्वामी
    लाभ
    भाव
    में
    हो।
  • भाग्य
    भाव
    में
    राहु
    हो।

English summary

In Vedic astrology, there are many yogas of sudden wealth or money. The main planets that bring wealth in the horoscope are the dritiyesh and labhesh.

Story first published: Monday, July 11, 2022, 7:00 [IST]



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