Kamada Ekadashi 2022: कामदा एकादशी आज, जानिए कथा और व्रत के लाभ

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lekhaka-Gajendra sharma

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नई दिल्ली, 22 जुलाई। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को कामदा एकादशी या कामिका एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी 24 जुलाई 2022 रविवार को रोहिणी नक्षत्र और वृद्धि योग में आ रही है। श्रावण माह की इस एकादशी का व्रत करने से मनुष्य की समस्त आकांक्षाओं की पूर्ति होती है। अपनी काम्य इच्छाओं के पूरा होने का संकल्प लेकर यदि व्रत किया जाए तो वह कामना अवश्य पूरी होती है। शास्त्रों का कथन है किइस व्रत के प्रभाव से मनुष्य अनजाने में किए गए पापों से मुक्त हो जाता है। ब्रह्म हत्या तक के पाप से उसे छुटकारा मिल जाता है और धन संपत्ति से युक्त हो जाता है। इस एकादशी के दिन गोदुग्ध को प्रसाद के रूप में ग्रहण करने का विधान है।

कामदा एकादशी व्रत कथा

प्राचीन काल में किसी गांव में एक ठाकुर रहता था। एक दिन किसी बात को लेकर ठाकुर की एक वेदपाठी ब्राह्मण से कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई किठाकुर के हाथों ब्राह्मण की हत्या हो गई। ब्राह्मण के मर जाने के बाद ठाकुर को ब्रह्महत्या का पाप सताने लगा। उसका सारा धन-मान, संपत्ति, परिवार-पुत्र सबकुछ छिन गया। उसने ब्रह्म हत्या के पाप से छूटने का उपाय ऋषियों से पूछा। ऋषियों ने उसे श्रावण माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली कामदा एकादशी का व्रत करने का सुझाव दिया। ऋषियों के बताए अनुसार ठाकुर ने व्रत किया और ठाकुर ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्त हो गया।

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कामदा एकादशी व्रत के लाभ

  • कामदा एकादशी का व्रत रखकर, भगवान विष्णु का पूजन विभिन्न मिष्ठान्न, फलों आदि से करने से जीवन के समस्त सुख प्राप्त होते हैं। जीवन में संयम और आध्यात्मिकता का विकास होता है।
  • इस एकादशी के दिन फलाहार में गोदुग्ध या गोदुग्ध से बनी मिठाई ग्रहण करना चाहिए।
  • भगवान विष्णु गो गोघृत अर्पित करने से धन-सुख की प्राप्ति होती है।
  • इस एकादशी का व्रत रखने वाले के जीवन से सारे अभाव समाप्त हो जाते हैं। सुख, सौभाग्य, संपत्ति, भूमि, रत्नाभूषणों की प्राप्ति होती है।
  • इस व्रत के प्रभाव से गोदान करने के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
  • इस एकादशी को मोक्ष प्रदाता कहा गया है। इस व्रत को करने से मनुष्य कभी अकाल मृत्यु को प्राप्त नहीं होता। इस एकादशी की रात्रि में शुद्ध घी का दीपक भगवान विष्णु के समीप प्रज्ज्वलित करने से मोक्ष प्राप्त होता है।
  • कामदा एकादशी की रात्रि में जागरण करके भजन-कीर्तन करने से पापों का क्षय होता है।

एकादशी समय

  • एकादशी प्रारंभ 23 जुलाई प्रात: 11.29 बजे से
  • एकादशी पूर्ण 24 जुलाई दोपहर 1.46 बजे तक
  • व्रत का पारणा 25 जुलाई प्रात: 5.55 से 8.34 तक

English summary

Kamada Ekadashi 2022 is coming on 24rth July. here is Puja Time and Katha.



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