CJI यूयू ललित का SC में आखिरी दिन: EWS कोटा पर सुना सकते हैं फैसला; जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़ बनेंगे 50वें CJI

0
9


  • Hindi News
  • National
  • CJI UU Lalit Retirement Update | UU Lalit’s Last Day As Chief Justice Of India, Next CJI Justice DY Chandrachud

एक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

ये तस्वीर 20 दिन पहले की है जब सुप्रीम कोर्ट में CJI ललित ने अन्य जजों की मौजूदगी में पर्सनली जस्टिस चंद्रचूड़ को उस लेटर की एक कॉपी सौंपी थी, जिसमें बतौर CJI उनके नाम की सिफारिश की गई थी।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस यूयू ललित का कार्यकाल 8 नवंबर को पूरा हो रहा है। कार्यकाल के आखिरी दिन वे EWS कोटा केस में फैसला सुनाएंगे। CJI ललित फैसला सुनाने वाली 5 जजों की कॉन्स्टिट्यूशनल बेंच के अध्यक्ष होंगे। इस बेंच में उनके साथ जस्टिस चंद्रचूड़ भी शामिल होंगे, जिन्हें 50वें CJI के तौर पर 10 नवंबर से कार्यभार संभालना है।वे 9 नवंबर को शपथ लेंगे।

महज 74 दिनों के लिए ही CJI बने
सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे सीनियर जज जस्टिस ललित महज 74 दिनों के लिए ही CJI बने। 8 नवंबर को रिटायर हो रहे CJI ललित ने जून 1983 में एक एडवोकेट के रूप में नामांकन किया। उन्होंने दिसंबर 1985 तक बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की, फिर जनवरी 1986 में प्रैक्टिस को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया।

उन्हें अप्रैल 2004 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से सीनियर एडवोकेट के रूप में नॉमिनेट किया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सभी 2जी मामलों में सुनवाई करने के लिए उन्हें CBI के लिए स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया गया था। जस्टिस ललित दो कार्यकाल के लिए सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया लीगल सर्विसेज कमेटी के सदस्य भी थे।

क्रिमिनल लॉ विशेषज्ञ जस्टिस ललित 13 अगस्त 2014 को बार से सुप्रीम कोर्ट के जज बने। बार से CJI बनने वाले वे दूसरे जज रहे।

जस्टिस चंद्रचूड़ के पिता 16वें CJI थे
जस्टिस चंद्रचूड़ के पिता यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ देश के 16वें CJI थे। उनका कार्यकाल 22 फरवरी, 1978 से 11 जुलाई, 1985 तक यानी करीब 7 साल तक रहा। पिता के रिटायर होने के 37 साल बाद उसी पद पर बैठेंगे। जस्टिस चंद्रचूड़ पिता के 2 बड़े फैसलों को SC में पलट भी चुके हैं। वह बेबाक फैसलों के लिए चर्चित हैं। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ का कार्यकाल 9 नवंबर, 2022 से 10 नवंबर, 2024 तक यानी 2 साल का होगा।

दूसरी बार सेरेमोनियल बेंच की लाइव स्ट्रीमिंग
सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार किसी CJI की सेरेमोनियल बेंच की लाइव स्ट्रीमिंग जस्टिस एनवी रमना के रिटायरमेंट के दौरान हुई थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर वेबकास्ट किया गया था। CJI ललित की सेरेमोनियल बेंच की भी लाइव स्ट्रीमिंग होगी। इसके पहले 26 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट की 3-जजों की बेंच ने यौन अपराधों और वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों को छोड़कर सुनवाई की लाइव-स्ट्रीमिंग की अनुमति दी थी।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे व्यवहार में नहीं अपनाया। कर्नाटक, गुजरात, ओडिशा जैसे देश के कई हाईकोर्ट अपने संबंधित आधिकारिक यूट्यूब पर सुनवाई का सीधा प्रसारण कर रहे हैं।

CJI ललित ने अपने कार्यकाल के दौरान SC की कार्यप्रणाली को लेकर कुछ अहम फैसले लिए थे। वे क्या थे, इन खबरों में पढ़ें…

CJI यूयू ललित फास्ट ट्रैक तरीके से निपटा रहे केस

सुप्रीम कोर्ट ने 4 दिनों में 1293 केस का निपटारा किया। इनमें 440 ट्रांसफर केस रहे। दो दिनों में 106 रेगुलर केसों को निपटाया गया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) यूयू ललित ने यह जानकारी बार काउंसिल की ओर से अपने सम्मान में रखे गए कार्यक्रम में दी। CJI ने आश्वासन दिया था कि सुप्रीम कोर्ट केस को तेजी से निपटाने की यह प्रैक्टिस जारी रखेगा। पढ़ें पूरी खबर…

लिस्टिंग सिस्टम पर SC के जजों को ऐतराज​​​​​​​

​​​​​​​सुप्रीम कोर्ट में केस की लिस्टिंग को लेकर दो जजों ने जस्टिस संजय किशन कौल और अभय एस ओका की बेंच ने लिस्टिंग सिस्टम की आलोचना करते हुए एक सुनवाई के दौरान कहा था- दोपहर के सेशन में मामलों की भरमार हो जाती है। इसकी वजह से फैसला करने के लिए समय ही नहीं मिल रहा। उन्होंने इसके लिए नई लिस्टिंग प्रणाली को जिम्मेदार ठहराया था।​​​​​​​ पढ़ें पूृरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link