हेराल्ड केस में सभी नेताओं ने वोरा का नाम लिया: कहा- वित्तीय फैसले मोतीलाल वोरा लेते थे, लेकिन इसका सबूत नहीं दे सके

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नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

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नेशनल हेराल्ड केस में सभी कांग्रेस नेताओं ने वित्तीय लेनदेन की जानकारी से अपना पल्ला झाड़ लिया है। सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी, राहुल गांधी, खड़गे और पवन खेड़ा तक ने कहा कि लेनदेन से जुड़ा हर फैसला मोतीलाल वोरा लेते थे। हालांकि वे इसका सबूत नहीं दे सके।

जांच में ईडी को कई फर्जी कंपनियां मिलीं
कांग्रेस नेता मल्लिार्जुन खड़गे यंग इंडिया प्रा. लिमिटेड के एक मात्र कर्मचारी हैं। ऐसे में ईडी के पास पूछताछ के लिए खड़के को बुलाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच के दौरान ईडी को कई फर्जी कंपनियां मिलीं। जिनसे यंग इंडिया का लेनदेन होता था। ईडी को कंपनी के 90 करोड़ की लेनदेन पर शक है।

खड़गे से ईडी ने 8 घंटे पूछताछ की
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से 8 घंटे पूछताछ की थी। जांच एजेंसी ने उनसे यंग इंडिया के ऑफिस में ही पूछताछ की। पूछताछ दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुई। इस दौरान ऑफिस की तलाशी भी ली गई।

खड़गे 8 घंटे बाद रात करीब 8:30 बजे दफ्तर से बाहर निकले। इधर, ED के समन पर राज्यसभा में भी विपक्ष के नेता खड़गे ने गुरुवार को ही सवाल उठाया था। उन्होंने पूछा था कि क्या संसद की कार्यवाही के दौरान बुलाना सही है? इस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जवाब दिया कि कोई गलत करेगा तो एजेंसियां तो एक्शन लेंगी ही। इसके बाद दोनों में बहस शुरू हो गई।

यंग इंडिया का दफ्तर सील
इससे पहले बुधवार को भी यहां तलाशी ली जा चुकी है। छापेमारी के बाद ईडी ने नेशनल हेराल्ड की बिल्डिंग में यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का ऑफिस सील कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने नेता बीजेपी पर हमलावर हो गए और देश के लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया।

मोतीलाल वोरा कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। वे दो बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। 2000 से 2018 तक (18 साल) पार्टी के कोषाध्यक्ष भी रहे थे। 21 दिसंबर 2021 में उनका निधन हो गया था।

जानिए नेशनल हेराल्ड केस क्या है?
नेशनल हेराल्ड केस का मामला सबसे पहले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में उठाया था। अगस्त 2014 में ED ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। केस में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे को आरोपी बनाया गया था। नीचे ग्राफिक्स से समझिए इस पूरे केस को…

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