सीतामढ़ी में भारत-नेपाल के बीच ‘नो मेंस लैंड’ विवाद: नेपाल ने फिर उठाया सीमा विवाद का मसला; बॉर्डर के नजदीक सड़क निर्माण पर लगाई रोक

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सीतामढ़ी3 दिन पहले

नेपाल और भारत के बीच सीमा विवाद का एक नया मामला सामने आया है। नेपाल सरकार ने दोनों देशों की सीमा के पास भारत में बन रही एक सड़क के चौड़ीकरण पर आपत्ति जताई है। इसके बाद इस सड़क पर काम रोक दिया गया है। यह सड़क सीधी सीतामढ़ी के कई इलाकों को नेपाल बॉर्डर पर भिठ्ठामोड़ और नेपाल के जनकपुर से जोड़ती है। यहां पुल निर्माण कराया जाना है।

नाम न जाहिर करने की शर्त पर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ दिन पहले नेपाल के अधिकारियों ने सीमा के करीब 1.10 किलोमीटर में सड़क के चौड़ीकरण पर आपत्ति जताई थी। इस के बाद इस सड़क पर काम रोक दिया गया है। यह सड़क राजधानी पटना से 135 किमी उत्तर में सीतामढ़ी जिले के सुरसंड ब्लॉक में सीमा के पास बन रही है। अधिकारी ने कहा कि मामले के समाधान के लिए राज्य के गृह विभाग को पत्र भेजा गया है। इस सड़क को राज्य सड़क निर्माण विभाग (RCD) की ओर से बनाया जा रहा है।

यह सड़क सीतामढ़ी को नेपाल से जोड़ती है।

RCD के अधिकारी ने कहा कि नेपाल की ओर से आपत्ति एक ‘सदमे और आश्चर्य’ के रूप में आई है, क्योंकि घटनास्थल पर दोनों देशों के बीच स्पष्ट रूप से सीमांकित सीमा थी। दोनों देशों के चेक पोस्ट नो-मेंस लैंड के दोनों ओर काम कर रहे थे। हम अंतरराष्ट्रीय स्तंभों के दक्षिण में और नो-मेंस लैंड से परे मरम्मत और मजबूती का काम कर रहे थे।

सीतामढ़ी को नेपाल से जोड़ती है सड़क

उन्होंने दावा किया कि यह क्षेत्र सर्वेक्षण रिकॉर्ड के अनुसार, क्षेत्रीय कमान के अंतर्गत आता है। ऐसे में भारत का सड़क निर्माण कार्य रुका हुआ है। लोगों को यहां से आने-जाने में काफी परेशानी होती है। यह सड़क सीधी सीतामढ़ी के कई इलाकों को नेपाल बॉर्डर पर भिठ्ठामोड़ और नेपाल के जनकपुर से जोड़ती है। यहां पुल निर्माण कराया जाना है। पुल निर्माण कार्य शुरू था, इसी बीच नेपाल सरकार ने उस पर रोक लगा दी है।

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नेपाल ने भारत की 12 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया है। ये खबर उत्तराखंड के टनकपुर फारेस्ट रेंजर महेश बिष्ट के जरिए मीडिया में आई। महेश ने बताया था कि विभाग ने केंद्रीय गृहमंत्रालय को भी इसकी जानकारी दे दी है। हमने महेश बिष्ट से फोन पर बात की तो उन्होंने कहा, “अब मैं इस मामले में एक शब्द भी नहीं बोलूंगा। मुझे बड़े अधिकारियों से डांट पड़ी है। आप उनसे ही बात करिए।”

खबर सामने आते ही दैनिक भास्कर ग्राउंड पर पहुंचा। वहां नेपालियों ने 200 से ज्यादा पक्की दुकानें, 40 से ज्यादा अस्थाई झोपड़ियां और करीब 70 पक्के मकान बना रखे हैं। विवादित जगह पर बंटवारे वाले पिलर भी गायब हैं। नेपाल सरकार ने वहां सड़क, बिजली, पानी की व्यवस्था कर रखी है और सीमा प्रहरी चौकी भी बनी हुई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



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