साइरस मिस्त्री का निधन: महिला डॉक्टर चला रही थीं मर्सिडीज, ओवरटेक करने के प्रयास में हादसा, पीछे वाले एयरबैग खुलते तो बच जाते मिस्त्री

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मुंबई27 मिनट पहले

टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का रविवार दोपहर मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर दुर्घटना में निधन हो गया। वे गुजरात के उदवाड़ा में बने पारसी मंदिर से लौट रहे थे। 54 साल के मिस्त्री की मर्सिडीज GLC 220 कार पालघर के कासा के पास चरोटी गांव में सूर्या नदी के पुल पर रोड डिवाइडर से टकराई थी। कार महिला डॉक्टर अनायता पंडोले चला रही थीं।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अनायता पंडोले तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहीं थीं। उन्होंने गलत दिशा (बांए से) से एक दूसरी गाड़ी से आगे निकलने की कोशिश की थी। वहीं, एक चश्मदीद ने भी पहले बताया था कि कार एक महिला चला रही थी, जिसने बायीं तरफ से दूसरी गाड़ी से आगे निकलने की कोशिश की, लेकिन नियंत्रण खोकर कार सड़क पर डिवाइडर से टकरा गई।

जांच में ये भी सामने आया कि अनायता पंडोले कार चला रही थीं और उनके पति JM फाइनेंशियल के CEO दरीयस पंडोले उनके बगल वाली सीट पर बैठे थे। मिस्त्री और दरीयस के पिता जहांगीर पंडोले कार की पीछे वाली सीट पर बैठे थे। टक्कर के कारण कार की आगे की सीट पर लगे एयरबैग खुल गए थे। पीछे वाले एयरबैग सही समय पर नहीं खुले। अगर वे खुल जाते तो साइरस मिस्त्री बच सकते थे। मैनुअल के मुताबिक, मर्सिडीज जीएलसी 220डी में कम से कम सात एयरबैग दिए गए हैं।

मर्सिडीज बेंज के एक्सीडेंट के बाद साइरस मिस्त्री (दाएं) और कार चलाने वाली डॉक्टर अनायता पंडोले (बाएं)।

कार की फॉरेंसिंक जांच
मोटर वाहन निरीक्षक मनीष मोरे ने बताया कि हादसे का शिकार हुई कर की फॉरेंसिक जांच कर रहे हैं। इससे यह पता चलेगा कि दुर्घटना का असली कारण क्या है। पुलिस ने बताया- घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था और न ही उनकी कार में कोई कैमरा था। सड़क की स्थिति भी अच्छी थी। ऐसे में अब यह जांच हो रही है कि आखिर गलती कहां हुई है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि कार चलाने वाले के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी कर रहे हैं। गाड़ी किसके नाम पर है, इसका पता लगाया जा रहा है।

अनायता-दरीयस की भी हालत गंभीर
वापी के इंद्रधनुष अस्पताल के डॉ तेजस शाह ने कहा- जब अनायता पंडोले और दरीयस पंडोले को हमारे अस्पताल लाया गया, तो उनक हालत खराब थी। उनका ऑक्सीजन लेवल गिर गया था और ब्लड प्रेशर भी हाई था। उन्हें बहुत सारे फ्रैक्चर हैं। हमें बताया गया है कि डॉक्टरों की एक टीम उन्हें देखने के लिए मुंबई से आ रही है।

यूके में हैं मिस्त्री के बेटे और पत्नी
साइरस मिस्त्री के बेटे और पत्नी एक फैमिली फंक्शन के लिए यूके में हैं। उनके सोमवार को मुंबई पहुंचने की संभावना है। रविवार को मिस्त्री के ससुर और वरिष्ठ वकील इकबाल छागला और उनके बहनोई न्यायमूर्ति रियाज छागला पुलिस और पालघर अधिकारियों के साथ टच में थे।

मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर दोपहर साढ़े तीन बजे हुआ हादसा
पालघर के SP बालासाहेब पाटिल ने बताया- मिस्त्री जिस कार में सवार थे, उसका नंबर MH-47-AB-6705 है। एक्सीडेंट दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अहमदाबाद से मुंबई के रास्ते में सूर्या नदी के पुल पर हुआ। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि बाकी दो लोग घायल हो गए। महाराष्ट्र के डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

साइरस मिस्त्री और टाटा ग्रुप से उनके कनेक्शन के बारे में जानने से पहले हादसे से जुड़ी 5 तस्वीरें देखिए…

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने ही कार में सवार चारों लोगों को निकाला।

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने ही कार में सवार चारों लोगों को निकाला।

यह फोटो भी एक्सीडेंट के बाद की है। इसमें लोग कार की पिछली सीट से एक व्यक्ति को निकाल रहे हैं।

यह फोटो भी एक्सीडेंट के बाद की है। इसमें लोग कार की पिछली सीट से एक व्यक्ति को निकाल रहे हैं।

हादसे में साइरस मिस्त्री की मर्सिडीज बेंज GLC 220 कार का अगला हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया।

हादसे में साइरस मिस्त्री की मर्सिडीज बेंज GLC 220 कार का अगला हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया।

साइरस मिस्त्री की कार मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर सूर्या नदी के पुल पर इसी जगह डिवाइडर से टकराई थी।

साइरस मिस्त्री की कार मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर सूर्या नदी के पुल पर इसी जगह डिवाइडर से टकराई थी।

मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर एक्सीडेंट के बाद रेस्क्यू टीम पहुंची, उसने मिस्त्री की कार को हाईवे से हटाया।

मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर एक्सीडेंट के बाद रेस्क्यू टीम पहुंची, उसने मिस्त्री की कार को हाईवे से हटाया।

उदवाड़ा के पारसी मंदिर का खर्च उठाते थे मिस्त्री
उदवाड़ा के जिस फायर टेंपल से लौटते समय मिस्त्री की कार का एक्सीडेंट हुआ, वहां के पुजारी ने कहा कि इस खबर से पूरे पारसी समाज को आघात लगा है। पिता पालोनजी के बाद साइरस ने हमारे ईरानशाह (फायर टेंपल) का रेनोवेशन करवाया। शापोरजी पालोनजी ग्रुप ने पारसी समाज के विकास के लिए सबसे ज्यादा दान दिया है।

यहां की देखरेख और धर्मशाला के रेनोवेशन का सारा खर्च वे ही उठाते हैं। यहां कोई भी कार्यक्रम होता था, तो सबसे पहले उनके परिवार के लोग यहां पहुंचते थे। हम दुआ करते हैं कि ईरानशाह उनके परिवार को दुख सहन करने की हिम्मत दे।

इसी साल जून में पिता का निधन हुआ था
इसी साल 28 जून को साइरस के पिता और बिजनेस टाइकून पालोनजी मिस्त्री (93) का निधन हुआ था। साइरस और उनके पिता के निधन के बाद उनके परिवार में उनकी मां पाट्सी पेरिन डुबास, शापूर मिस्त्री के अलावा दो बहनें लैला मिस्त्री और अलू मिस्त्री रह गई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया
साइरस मिस्त्री के निधन पर PM नरेंद्र मोदी ने संवेदना व्यक्त की है। PM मोदी ने ट्वीट किया- साइरस मिस्त्री का असामयिक निधन स्तब्ध करने वाला है। वे भारत की आर्थिक शक्ति में विश्वास करते थे। उनका निधन उद्योग जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके परिवार और मित्रों के लिए संवेदनाएं। उनकी आत्मा को शांति मिले।

शिंदे, गडकरी और गोयनका ने दी श्रद्धांजलि
साइरस मिस्त्री के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई लोगों ने श्रद्धांजलि दी है। गडकरी ने लिखा- महाराष्ट्र के पालघर के पास एक सड़क दुर्घटना में टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री जी के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। उनके परिवार के सदस्यों के प्रति हार्दिक संवेदना। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें। ओम शांति।NCP की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा- दिल दहला देने वाली खबर।” आरपीजी एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष हर्ष गोयनका ने भी मिस्त्री के निधन पर दुख व्यक्त किया।

यह फोटो उस समय ली गई थी, जब साइरस मिस्त्री टाटा ग्रुप के सबसे युवा चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

यह फोटो उस समय ली गई थी, जब साइरस मिस्त्री टाटा ग्रुप के सबसे युवा चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

लंदन से की इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई
साइरस पालोनजी मिस्त्री का जन्म 4 जुलाई 1968 को हुआ था। वो शापूरजी पालोनजी ग्रुप के प्रमुख पालोनजी मिस्त्री के छोटे बेटे थे। साइरस ने मुंबई के कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद वे सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए लंदन चले गए। उनके पास लंदन बिजनेस स्कूल से मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री भी थी।

साइरस ने 1991 में अपना फैमिली बिजनेस जॉइन किया था। उन्हें 1994 में शापूरजी पालोनजी ग्रुप का डायरेक्टर नियुक्त किया गया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने भारत का सबसे ऊंचा रेसिडेंशियल टावर, सबसे लंबा रेलवे पुल और सबसे बड़े पोर्ट का निर्माण किया। पालोनजी ग्रुप का कारोबार कपड़े से लेकर रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और बिजनेस ऑटोमेशन तक फैला हुआ है।

टाटा ग्रुप के छठे ग्रुप चेयरमैन थे साइरस मिस्त्री
दिसंबर 2012 को रतन टाटा ने टाटा सन्स के चेयरमैन पद से रिटायरमेंट ले लिया था। उसके बाद साइरस मिस्त्री को टाटा सन्स का चेयरमैन बनाया गया। टाटा के 150 साल से भी ज्यादा समय के इतिहास में साइरस मिस्त्री छठे ग्रुप चेयरमैन थे। वे टाटा सन्स के सबसे युवा चेयरमैन भी थे।

मिस्त्री परिवार की टाटा सन्स में 18% हिस्सेदारी
साइरस के पिता पालोनजी मिस्त्री 2006 में टाटा ग्रुप के बोर्ड से रिटायर हुए थे, जिसके बाद साइरस मिस्त्री ने उनकी जगह ली थी। पालोनजी मिस्त्री टाटा ग्रुप के सबसे बड़े शेयर होल्डर थे। अब भी मिस्त्री परिवार की टाटा सन्स में 18.4% की हिस्सेदारी है। वे टाटा ट्रस्ट के बाद टाटा सन्स में दूसरे बड़े शेयर होल्डर्स हैं।

24 अक्टूबर 2016 को पद से हटाए गए थे
हालांकि चार साल के अंदर ही 24 अक्टूबर 2016 को टाटा सन्स ने उन्हें चेयरमैन पद से हटा दिया था। उनकी जगह रतन टाटा को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया था। इसके बाद 12 जनवरी 2017 को एन चंद्रशेखरन टाटा सन्स के चेयरमैन बनाए गए थे। इस विवाद को लेकर टाटा सन्स का कहना था कि मिस्त्री के कामकाज का तरीका टाटा सन्स के काम करने के तरीके से मेल नहीं खा रहा था। इसी वजह से बोर्ड के सदस्यों का मिस्त्री पर से भरोसा उठ गया था।

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