विवादों में मर्लिन मुनरो की बायोपिक: मौत की तरह ही प्रेसिडेंट कैनेडी से अफेयर पर भी सस्पेंस, आखिरी कॉल भी उन्हें ही किया था

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9 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी

नेटफ्लिक्स पर 28 सितंबर को एक फिल्म आ रही है। नाम है ब्लॉन्ड। ये हॉलीवुड की वीनस कही जाने वाली मर्लिन मुनरो की बायोपिक है। मर्लिन अपनी खूबसूरती के साथ ही अपनी निजी जिंदगी के विवादों के कारण भी सुर्खियों में रहीं। कभी इनका नाम अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी से भी जोड़ा गया था। ताउम्र विवादों और दर्द में रहीं मर्लिन की मौत के 60 साल बाद उन पर बनी बायोपिक ब्लॉन्ड पर भी कंट्रोवर्सी हो रही है। फैंस का कहना है ब्लॉन्ड में जो एक्ट्रेस मर्लिन का किरदार निभा रही है, उसका एक्सेंट मैच नहीं कर रहा।

4 अगस्त 1962 को मर्लिन ने दुनिया को अलविदा कहा था…तो हम भी कहानी शुरू करते हैं 1962 की उस रात से….

कहानी शुरू होती है 5 अगस्त 1962, रात 3 बजे से। जगह- 12305 हेलेन ड्राइव, ब्रेंटवुड, लॉस एंजिलिस। मर्लिन के साथ ठहरे हाउसकीपर मूरे को आधी रात को कमरे की स्थिति संदिग्ध लगी। मर्लिन के कमरे की लाइट ऑन थी, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिल रहा था। हाउसकीपर ने तुरंत मर्लिन के साइकाएट्रिस्ट को कॉल कर बुलाया। जब वो कमरे की खिड़की तोड़कर अंदर पहुंचे तो देखा मर्लिन अपने बिस्तर पर पड़ी हैं, हाथ टेलीफोन पर है और सांसें रुक चुकी हैं। बिस्तर के पास खाली शीशी थी। रिपोर्ट्स में जानकारी मिली कि मर्लिन पिछली रात 4 अगस्त को 8ः30 से 10 बजे के बीच ही मर चुकी थीं।

ये सुसाइड था या मर्डर? ये बात सालों तक बहस का मुद्दा रही। कई लोगों ने कहा- हाउसकीपर मूरे ने ही नौकरी से निकाले जाने पर उनका मर्डर किया। तत्कालीन प्रेसिडेंट जॉन एफ केनेडी पर भी शक गया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पहुंचकर हत्या का शक जताया, लेकिन मर्लिन की मौत को सुसाइड क्यों माना गया? इसका जवाब हम आगे देंगे। पहले पढ़ते हैं इनकी दर्दनाक कहानी।

घर और परिवार को तरसती रहीं मर्लिन

कभी मर्लिन को ग्रेसी के रिश्तेदारों ने रख लिया, तो कभी उन्हें दोबारा आश्रम छोड़ दिया। ये सिलसिला 1942 तक जारी रहा। आखिरकार मर्लिन ने 16वें जन्मदिन के ठीक बाद पड़ोस में रहने वाले 21 साल के जेम्स डॉगर्टी से 19 जून 1942 को शादी कर ली। पढ़ाई छोड़कर मर्लिन एक हाउसवाइफ बन गईं। नौकरी के सिलसिले में जब पति को दो सालों तक बाहर जाना पड़ा तो मर्लिन अपने ससुराल वालों के साथ रहने लगीं।

न्यूड फोटोशूट और पागल होने का आरोप

सायनस से मर्लिन की स्थिति गंभीर हो गई। डॉक्टर ने उन्हें शूटिंग न करने की सलाह दी, लेकिन प्रोडक्शन वालों ने शूटिंग टालने की बजाय शूटिंग शुरू करने का दबाव बनाया।

राष्ट्रपति से अफेयर होने पर बटोरी सुर्खियां :

शूटिंग से ब्रेक लेकर मर्लिन तत्कालीन राष्ट्रपति के प्री बर्थडे सेलिब्रेशन में बधाई देने पहुंच गईं, जिससे प्रोडक्शन वाले भड़क गए। जॉन एफ केनेडी से मर्लिन का रुमर्ड अफेयर खूब चर्चा में रहा, लेकिन जब मर्लिन और जॉन के भाई बॉब के अफेयर की खबरें आईं तो हर कोई हैरान रह गया।

आखिरी फिल्म का शूट रहा विवादों में :

‘समथिंग गॉट टू गिव’ फिल्म के लिए मर्लिन ने स्विमिंग पूल में न्यूड होकर सीन दिए। इसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। मर्लिन और बीमार रहने लगीं, जिससे शूटिंग पोस्टपोन होने लगी। फॉक्स स्टूडियो ने बर्बादी से बचने के लिए मर्लिन को फिल्म से निकाल दिया और उन पर 6 करोड़ का जुर्माना लगाया। फिल्म रुक गई और प्रोडक्शन ने मर्लिन की इमेज खराब करते हुए उनको मानसिक रूप से बीमार बताया। प्रोडक्शन को नुकसान हुआ तो फॉक्स स्टूडियो ने समझौता करने के लिए मर्लिन को दो फिल्में दीं।

मर्लिन मुनरो का आखिरी फोटोशूट

करियर को बर्बाद होने से बचाने के लिए मर्लिन ने कॉस्मोपोलिटन और वोग के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन किया। इनका आखिरी फोटोशूट बर्ट स्टर्न ने किया, जिसमें उन्होंने न्यूड पोज दिया था। मर्लिन की मौत के बाद उनकी आखिरी तस्वीरों को द लास्ट सिटिंग नाम से प्रिंट किया गया।

5 अगस्त 1962 को 36 साल की मर्लिन की मौत की खबर से अफरा-तफरी मच गई। रात तीन बजे उनका शव उनके ही बेडरूम से मिला। मर्लिन 4 अगस्त को ही मर चुकी थीं। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने आत्महत्या की थी। वहीं, उस दौरान डेथ सीन पर मौजूद फोरेंसिक एक्सपर्ट का कहना था कि मुनरो की हत्या हुई थी। हालांकि किसी पर भी हत्या का आरोप तय नहीं किया गया। यह मौत आज भी लोगों के बीच बहस का मुद्दा बनी हुई है।

60 साल बाद भी अनसुलझी है मौत की गुत्थी

मर्लिन की मौत को सुसाइड क्यों समझा गया, इन पॉइंट्स से समझिए-

  • मर्लिन को बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर था, जिससे वो कई बार दवाइयों का ओवरडोज लेकर सुसाइड करने की कोशिश कर चुकी थीं।
  • मर्लिन डिप्रेशन में थीं और खुद को लोगों से दूर कर रही थीं।
  • मुनरो के डॉक्टर्स ने कहा कि वो डरी-सहमी रहती थीं और उन्हें भयंकर मूड स्विंग्स होते थे।
  • मौत के चंद घंटों पहले मर्लिन ने अपने साइकाएट्रिस्ट को कॉल कर शिकायत की थी कि उन्हें नींद नहीं आ रही और वो राइड पर जा रही हैं।

क्यों बार-बार हुआ मर्डर की तरफ इशारा? इन पॉइंट्स से जानिए

  • मर्लिन के हाउसकीपर मूरे ने इन्वेस्टिगेशन में बताया कि बॉब केनेडी मौत से कुछ घंटों पहले मर्लिन से मिलने घर आए थे। बॉब केनेडी, तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी के भाई थे।
  • डॉक्यूमेंट्रीः द मिस्ट्री ऑफ मर्लिन मुनरोः द अनहर्ड टेप्स में दावा किया गया है कि मौत से पहले मर्लिन और बॉब का जोरदार झगड़ा हुआ था।
  • मर्लिन की जासूसी करने वालो ओटाश ने दावा किया कि मर्लिन ने मरने से चंद घंटों पहले आखिरी कॉल जॉन एफ केनेडी को ही किया था। जासूसी करते हुए आखिरी समय में ओटाश ने मर्लिन की चीखें भी सुनी थीं।

मर्लिन मुनरो हमेशा से ही अपनी बोल्डनेस से लाइमलाइट में रहीं, लेकिन असल जिंदगी में ये शर्मिले स्वभाव की अंडरकॉन्फिडेंट लड़की थीं। कामयाबी मिली और चाहने वाले भी अनगिनत, लेकिन फिर भी जिंदगी से नाखुश होकर उन्होंने आत्महत्या को जीने से बेहतर समझा। उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ने के पीछे दुर्घटनाओं से भरा बचपन भी कहीं न कहीं कारण बना। मर्लिन को देखने वाले तो हजारों में थे, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। मर्लिन की मौत के बाद शहर में सुसाइड के केस दोगुने हो गए, लेकिन सालों बाद भी मर्लिन हॉलीवुड की सबसे कामयाब एक्ट्रेस बनी रहीं। उनके जैसी हस्ती न कोई थी और न शायद कभी होगी। मर्लिन के अंतिम संस्कार की सारी जिम्मेदारी उनके दूसरे पति डिमियागो ने उठाई। उन्होंने खुद को मर्लिन की मानसिक स्थिति बिगड़ने का और मौत का जिम्मेदार बताया। मर्लिन के मरने के 20 साल बाद तक डिमियागो उनकी कब्र पर रोजाना गुलाब भिजवाते थे।

(Ref.- HollywoodReporter.com, people.com, wikipedia.org)

(ग्राफिक्स- कुणाल शर्मा)



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