लड्डू गोपाल को घर में रखने के नियम और फायदे, यहां पढ़ें | Rules and benefits of keeping Laddu Gopal in the house | Patrika News

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इसके अलावा कई लोग तो कहीं पर जब आते जाते भी है तो भी वो अपने साथ लड्डू गोपाल जी को लेकर जाते हैं, ध्यान रहे जिस तरह आप अपने बच्चों का जन्मदिन मनाते हैं, उसी तरह जन्माष्टमी के अलावा लड्डू गोपाल के घर में आने की तारीख के अनुसार भी लड्डू गोपाल का जन्मदिन मनाना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि लड्डू गोपाल को घर में लाने के क्या फायदे होते हैं साथ ही उन्हें रखने के क्या नियम हैं?

इस दिन लड्डू गोपाल को लाएं घर?
लड्डू गोपाल को घर में लाने के लिए वैसे तो कोई शुभ मुहूर्त नहीं होता है, लेकिन अधिकतर लोग जन्माष्टमी के दिन इन्हें अपने घर में लाते हैं। इसके साथ ही ऐसा नहीं है की इस दिन के अलावा आप लड्डू गोपाल को आप घर में नहीं ला सकते हैं। बल्कि आपका जिस दिन मन करें, उसी दिन आप लड्डू गोपाल को घर में ला सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें की जब भी आप लड्डू गोपाल को घर में लाएं तो पूरी प्राण प्रतिष्ठा के साथ उनकी स्थापना करें।

लड्डू गोपाल को इस रूप में लाएं घर?
लड्डू गोपाल को घर में बाल स्वरुप में लाया जाता है और घर में लाने के बाद बिल्कुल बच्चे की तरह उनकी सेवा की जाती है। इसके अलावा बाल रूप में भी लड्डू गोपाल की प्रतिमा के साइज होते हैं आप जो साइज भी लाना चाहते हैं वो साइज घर में ला सकते हैं।

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लड्डू गोपाल को रखने के ये हैं नियम?
आप घर में जब लड्डू गोपाल को लाते हैं तो इन्हें रखने के वैसे तो कोई कठोर नियम नहीं है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूर आवश्यक है, जिससे इनके प्रति आपके आदर भाव और प्यार में कोई कमी नहीं हो। तो चलए अब वे नियम जानते हैं जिनका ध्यान रखना आवश्यक है…

नियमित रूप से आप जिस तरह अपने बच्चों को नहलाते हैं उसी प्रकार लड्डू गोपाल को भी आपको रोज स्नान करवाना चाहिए, इन्हें दूध, दही, शहद, गंगाजल, चीनी, आदि से स्नान करवा सकते हैं। इसके साथ नहलाने के बाद लड्डू गोपाल को अच्छे से साफ़ करके साफ़ सुथरे वस्त्र पहनाएं और श्रृंगार करें। ध्यान रहे श्रृंगार करने के बाद इनकी पूजा अर्चना करें।

इसके साथ ही घर में जो भी सात्विक खाना बनता है उनका सबसे पहले भोग लड्डू गोपाल को ही लगाएं, हमेशा एक पानी का गिलास इनके पास रखें,साथ ही कान्हा के खाने में तुलसी का पत्ता जरूर रखें।

घर में कोई भी खाने की चीज आए तो सबसे पहले लड्डू गोपाल को ही भोग लगाएं, इसका कारण यह है कि लड्डू गोपाल आपके घर के सदस्य होते हैं साथ ही यह भी ध्यान रखें की उस चीज में प्याज लहसुन आदि नहीं हो। इसके पश्चात रात के समय कान्हा को सुलाएं और सुबह फिर से वही प्रक्रिया करें।

कुछ लोग घर के मंदिर में रखने के लिए कान्हा की प्रतिमा लाते हैं, वो चाहे तो वे भी इन नियमों का पालन कर सकते हैं, नहीं तो सिर्फ पूजा और भोग लगाकर ही इन्हें मान सकते हैं।

यदि आप कान्हा को अपना बेटा बनाकर लाएं हैं या उनकी सेवन उठाकर लेकर आये हैं, तो आप लड्डू गोपाल को कभी भी घर में अकेला छोड़कर नहीं जाएं, क्योंकि यह उनका बाल स्वरुप होता है और आपको यह पता होगा की छोटे बच्चे को घर में अकेला नहीं छोड़ते हैं। ऐसे में या तो आप उन्हें अपने साथ लेकर जाएं या फिर किसी भरोसे वाले व्यक्ति के पास उन्हें छोड़कर जाएं जो उनकी अच्छे से और पूरे भाव से पूजा करें।

लड्डू गोपाल को कभी भी जूठे हाथों से नहीं छुएं और न ही किसी को छूने दें, कारण यह है कि ऐसा करना अच्छा नहीं माना जाता है।

ध्यान रहे की पूजा के बाद माफ़ी जरूर मांगे, क्योंकि यदि कोई गलती हो भी गई होगी तो कान्हा उसे माफ़ कर दें।

घर में लड्डू गोपाल के फायदे
घर में लड्डू गोपाल को रखने के बहुत से फायदे हैं। लड्डू गोपाल आपके घर, परिवार, व्यापार आदि को सफल बनाएं रखने में मदद करते हैं। तो चलिए अब जानते हैं की घर में लड्डू गोपाल को रखने के फायदे…

परेशानियों को दूर करने में मिलती है मदद
यदि आप अपने मन की बात किसी से नहीं कह पा रहे हैं तो आपके घर के सदस्य यानि लड्डू गोपाल से आप वह बात कर सकते हैं और वो अपनी लीलाओं से आपकी सभी परेशानियों को दूर करने में मदद भी करते हैं। साथ ही घर में पॉजिटिव एनर्जी बनाए रखते हैं।

वहीं पूरे श्रद्धा भाव से लड्डू गोपाल की सेवा करने पर जब आप मन की इच्छा को लड्डू गोपाल के सामने जाहिर करते हैं, तो वह आपके मन की सभी इच्छाओं को पूरा करने में आपकी मदद करते हैं।

लड्डू गोपाल को घर में रखने से कलह, धन संबंधी समस्या व अन्य परेशानियां आपके घर के आस—पास भी नहीं आती हैं।

लड्डू गोपाल की मूर्ति खंडित होने पर ये करें
कई बार हो जाता है किसी कारण मूर्ति खंडित हो जाती है तो उसके बाद आपको उन्हें घर में नहीं रखना चाहिए, बल्कि फूलों में लपेटकर उनको शुद्ध जल में प्रवाहित कर देना चाहिए। इसका कारण ये है कि खंडित मूर्तियों को घर में रखना शुभ नहीं माना जाता है, प्रवाहित करने के बाद आप चाहे तो दोबारा से घर में कान्हा को बाल स्वरुप में ला सकते हैं।





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