मोहाली झूला हादसा: गार्ड से बच गई लोगों की जान, बैल्ट लगी होती तो सिर-मुंह न फूटते; स्टॉल समेट खिसकने लगे दुकानदार

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चंडीगढ़11 घंटे पहले

पंजाब के मोहाली में दशहरा ग्रांउड में लगे मेले में झूला हादसे के बाद यहां लगे लंदन ब्रिज फेयर का पैकअप हो गया है। मेला 11 सितंबर तक चलना था लेकिन झूला गिरते ही दुकानदार स्टॉल समेटकर वहां से खिसकने शुरू हो गए हैं। पुलिस की तरफ से इन्हें रोकने या बयान दर्ज कर जांच में शामिल करने की कोई कोशिश नहीं की गई।

वहीं मोहाली झूला हादसे में नया खुलासा हुआ है। झूले में बैठे लोगों के आगे गार्ड लगे होने की वजह से उनकी जान बच गई। अगर गार्ड न होता तो वह छिटककर दूर जा गिरते, जिससे उनकी जान भी जा सकती है।

झूले पर लगे गार्ड और बैल्ट।

वहीं अगर झूले में सीट बैल्ट सही होती या लोगों ने उसे पहना होता तो उन्हें ज्यादा चोट नहीं लगती। उनका सिर या मुंह नहीं फूटता। हादसे के बाद झूले पर लगी बैल्ट खानापूर्ति नजर आ रही है। जिससे बैल्ट को लेकर प्रबंधकों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसका पता चलते ही प्रशासन ने भी इसकी जांच शुरू कर दी है।

लंदन ब्रिज के नाम से यह मेला लगाया गया था। अब दुकानदार सामान समेट जा रहे हैं।

लंदन ब्रिज के नाम से यह मेला लगाया गया था। अब दुकानदार सामान समेट जा रहे हैं।

सिविल अस्पताल में सिर्फ 4 मरीज पहुंचे

मोहाली सिविल अस्पताल के डॉ परमिंदर जीत सिंह ने बताया कि उनके यहां पर कुल 4 मरीज आए थे। एक पति-पत्नी थे। यहां जो मरीज आए थे, वह प्राथमिक उपचार के बाद अपने नेटिव प्लेस पर ट्रीटमेंट करवाने के लिए चले गए। वहीं कुछ डिस्चार्ज कर दिए गए। स्पाइन, सर्वाइकल इंजरी और नाक इत्यादि की इंजरी थी। वहीं सभी मरीज खतरे से बाहर हैं। मोहाली मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने इस घटना पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि मेला प्रबंधकों पर लापरवाही बरतने को लेकर केस दर्ज होना चाहिए। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं तुरंत मिलने से मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं आई।

नीचे गिरा झूला

नीचे गिरा झूला

चश्मदीदों की जुबानी, हादसे की कहानी

महिला का सिर और बेटी के होंठ फटे : उमा शंकर गिरी नामक व्यक्ति ने बताया कि उनके सामने अचानक केबल टूटने के कारण झूला काफी ऊंचाई से नीचे आ गिरा। इसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे बैठे हुए थे। 15 से 20 लोग इस झूले में सवार थे। रात को 9.15 बजे यह हादसा हुआ। एक महिला का सिर फट गया। उनके साथ बेटी थी, जिसका होंठ फट गया। मेला प्रबंधक हादसे की जिम्मेदारी नहीं ले रहा था और पब्लिक के विरोध करने के बाद मेला प्रबंधक के बांउसर्स ने लोगों से मारपीट की।

बच्चों के मुंह से खून निकल रहा था : जसप्रीत कौर नामक महिला ने बताया कि उनके सामने यह हादसा हुआ। उन्होंने खुद छोटे बच्चों का रेस्क्यू किया। बच्चों के होंठ, नाक और मुंह से खून आ रहा था। बच्चे बुरी हालत में थे। दो बच्चे बेहोश हो गए थे। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि वह घूमने आए हुए थे। मौके पर PCR या एंबुलेंस तक नहीं थी। मेला प्रबंधक के बांउसर्स लगभग 20 मिनट बाद नशे की हालत में आए और लोगों से बहसने लगे। बिना मेडिकल सुविधा के मेला लगाया हुआ था और पुलिस का भी प्रबंध नहीं था।

डीएसपी बोले- पूरी जांच करेंगे
मोहाली के DSP सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल ने कि बताया कि झूले की तार टूटने से हादसा होने की बात सामने आई है। PCR पार्टियां मरीजों को अस्पताल लेकर गई थीं। मेले के दौरान मेडिकल सुविधाओं के न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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