भारतीय धावक रूपाल वर्ल्ड U-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में: 400 मीटर की दौड़ 52.77 सेकंड में पूरी की, यह उनके करियर की बेस्ट टाइमिंग

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कोलंबिया20 मिनट पहले

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कॉमनवेल्थ गेम्स के बीच कोलंबिया से एक और अच्छी खबर आई है। वहां भारतीय धावक रूपल चौधरी विमेन 400 मीटर रेस के फाइनल में पहुंच गई हैं। अब वे शुक्रवार को तमगे के लिए जोर लगाएंगी। रूपल ने एक दिन पहले ही सिल्वर जीता है।

मेरठ की रूपल ने बुधवार रात हुए इस इवेंट के सेमीफाइनल में 400 मीटर की रेस महज 52.77 सेकंड में पूरी कर ली। यह उनका पर्सनल बेस्ट परफॉर्मेंस है। वे ओवरऑल दूसरे स्थान पर रहीं। एक अन्य भारतीय धावक प्रिया मोहन 10वें नंबर पर रहीं और फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहीं।

पहले रूपल के परिवार वाले उन्हें खेलकूद में जाने से रोकते थे। मगर दौड़ने पर अड़ी रूपल ने पहले पिता को मनाया। फिर धीरे-धीरे पूरा परिवार सपोर्ट करने लगा। उनकी जिद ने उन्हें वर्ल्ड चैंपियनशिप का मेडलिस्ट बना दिया। वे नेशनल चैंपियन भी हैं।

यह चैंपियनशिप जूनियर एथलीट्स का सबसे बड़ा मंच है। यहां से ही फ्यूचर स्टार निकालते हैं। यहां से नीरज चोपड़ा और हिमा दास जैसे स्टार निकले हैं।

52.77 सेकंड पर्सनल बेस्ट है रूपल चौधरी का।

52.77 सेकंड पर्सनल बेस्ट है रूपल चौधरी का।

रिले टीम ने जीता सिल्वर
दो दिन पहले भारतीय मिक्स्ड रिले टीम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर जीतते हुए इतिहास रचा था। इस टीम में रूपल भी शामिल थीं। उनके साथ टीम में भरत श्रीधर, प्रिया मोहन, कपिल शामिल थे। भारतीय टीम ने 3:17:76 मिनट का समय निकाला। इस 3:17:69 मिनट में पूरा करके US की टीम ने गोल्ड पर कब्जा किया। जमैका (3:19:96 मिनट) ने ब्रांज जीता है।

सेमीफाइनल में दूसरे नंबर पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई।

सेमीफाइनल में दूसरे नंबर पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई।

नीरज ने दिलाया था गोल्ड
वर्ल्ड जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देश को पहला गोल्ड नीरज चौपड़ा ने दिलाया था। उनके बाद असम की स्प्रिंटर हिमा दास ने 2018 में अपना नाम चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्टों में जुड़वा लिया।
हिमा ने 400 मीटर में 51.46 सेकंड की टाइमिंग के साथ पीला तमगा हासिल किया था। वे विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप, जूनियर या सीनियर में किसी भी ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई थीं। उस गोल्ड ने हिमा को स्टार बना दिया। उसके बाद हिमा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

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