बांग्लादेश PM शेख हसीना ने जयपुर में किया डांस: 30 मंत्रियों के साथ अजमेर दरगाह में जियारत की, बतौर प्रधानमंत्री चौथी बार आईं

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अजमेर40 मिनट पहले

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना गुरुवार को राजस्थान के दौरे पर हैं। उन्होंने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत की। इससे पहले वे दिल्ली से जयपुर एयरपोर्ट सुबह करीब 11 बजे पहुंची थीं। यहां राजस्थान के शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला और मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने उनका स्वागत किया। राजस्थान के पारंपरिक कलाकारों ने लोक नृत्य के साथ उनका स्वागत किया, इस दौरान वे खुद को नहीं रोक सकीं और कलाकारों के साथ एयरपोर्ट पर ही डांस किया।

शेख हसीना की यात्रा के समय दरगाह को सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह खाली करा दिया गया। शेख हसीना के गुजरने के दौरान सड़क से निकलने वाली गलियों को भी बंद कर यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है। बांग्लादेश प्रधानमंत्री के साथ उनकी कैबिनेट के 30 से ज्यादा मंत्री और रिश्तेदार भी आए हैं।

जियारत के दौरान खादिमों और अन्य लोगों के मोबाइल बाहर रखवा लिए गए थे। शेख हसीना ने दरगाह कमेटी के विजिटर बुक में बांग्लादेशी भाषा में अपना संदेश लिखा। इसके बाद उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का भी दस्तारबंदी (साफा बांधना) की गई। करीब 1 घंटे तक दरगाह में जियारत करने के बाद शेख हसीना का काफिला बजरंगगढ़ स्थित सर्किट हाउस पहुंचा। शेख हसीना व उनके प्रतिनिधिमंडल ने यहां रेस्ट किया और जयपुर के लिए रवाना हो गए।

शेख हसीना का जयपुर के सांगानेर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर राजस्थानी संस्कृति के अनुसार स्वागत किया गया। उन्होंने भी डांस किया।

शेख हसीना ने दरगाह में जियारत कर बांग्लादेश और भारत के बीच मजबूत संबंध और देश में अमन-चैन शांति भाईचारे के लिए दुआ की। दरगाह कमेटी की ओर से उनका स्वागत किया गया और आस्ताना शरीफ में दुआ मांगने के बाद उन्हें तब्रुक भेंट करने के साथ ही तलवार भी भेंट की। तब्रुक में उन्हें अजमेर का प्रसिद्ध सोहन हलवा दिया गया है।

सुरक्षा के कडे़ बंदोबस्त
पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा के कडे़ इंतजाम किए हैं। अजमेर के फव्वारा सर्किल से लेकर दिल्ली गेट होते हुए दरगाह बाजार तक की सभी दुकानों व मकानों को भी सुबह 11 बजे से ही बंद कर दिया गया। किसी भवन, मकान, दुकान, होटल व गेस्ट हाउस की बालकनी पर भी लोगों के खड़े रहने पर पाबंदी है। क्षेत्र में सिर्फ जिला प्रशासन की ओर से जारी पासधारियों को प्रवेश की अनुमति दी गई है।

प्रधानमंत्री शेख हसीना को सय्यद कलीमुद्दीन नायब सदर अंजुमन कमेटी की ओर से बनाई तस्वीर भेंट की गई।

प्रधानमंत्री शेख हसीना को सय्यद कलीमुद्दीन नायब सदर अंजुमन कमेटी की ओर से बनाई तस्वीर भेंट की गई।

सर्किट हाउस में कुछ देर ठहरने के बाद वे दरगाह जियारत करने पहुंचीं। शेख हसीना के साथ एक बड़ा दल भी आया है।

सर्किट हाउस में कुछ देर ठहरने के बाद वे दरगाह जियारत करने पहुंचीं। शेख हसीना के साथ एक बड़ा दल भी आया है।

पहले भी अजमेर आईं हैं शेख हसीना
गौरतलब है कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना कई बार अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह आ चुकी हैं। पीएम के पद पर रहते हुए सन 1996, 2010 और 2017 में वे अजमेर शरीफ की दरगाह पर आई थीं। 1975 से 1980 तक शेख हसीना दिल्ली रहा करती थीं। इस दौरान भी वह अजमेर दरगाह आती रहीं। बतौर प्रधानमंत्री वे चौथी बार अजमेर दरगाह पर आई हैं।

फरीहा और कायम दोनों बांग्लादेश की प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। फरीहा सोफिया स्कूल की चौथी और कायम सेंट एन्सलम्स स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ता है।

फरीहा और कायम दोनों बांग्लादेश की प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। फरीहा सोफिया स्कूल की चौथी और कायम सेंट एन्सलम्स स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ता है।

शेख हसीना की यात्रा को लेकर सुबह से ही अधिकारी दौरा कर रहे हैं। अजमेर रेंज आईजी रूपेंद्र सिंघ भी रेगुलर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

शेख हसीना की यात्रा को लेकर सुबह से ही अधिकारी दौरा कर रहे हैं। अजमेर रेंज आईजी रूपेंद्र सिंघ भी रेगुलर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

सिक्योरिटी को देखते हुए दरगाह के पूरे एरिया को खाली करवाया गया है। यहां आस-पास दुकानें भी बंद हैं।

सिक्योरिटी को देखते हुए दरगाह के पूरे एरिया को खाली करवाया गया है। यहां आस-पास दुकानें भी बंद हैं।

गौरतलब है कि शेख हसीना 4 दिन के भारत दौरे पर आई हैं। आज उनके दौरे का आखिरी दिन है। इससे पहले नई दिल्ली में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा-कांग्रेस के कई नेताओं से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि भारत आना हमेशा सुखद रहता है।

दो दिन पहले शेख हसीना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में दोनों देशों के संबंध को नए मुकाम पर ले जाने पर जोर दिया था।

दो दिन पहले शेख हसीना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में दोनों देशों के संबंध को नए मुकाम पर ले जाने पर जोर दिया था।

6 सितंबर को शेख हसीना से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मुलाकात की थी।

6 सितंबर को शेख हसीना से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मुलाकात की थी।

भारत आने से पहले रोहिंग्या को बताया था बोझ
भारत दौरे से पहले एक इंटरव्यू में शेख हसीना ने रोहिंग्या मुसलमानों को एक चुनौती बताया। उन्होंने कहा था- ये देश के लिए बहुत बड़ा बोझ हैं और उन्हें लगता है कि इस मुद्दे का समाधान निकलने में भारत एक बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे बांग्लादेशी छात्रों का रेस्क्यू करने के लिए भारत के PM नरेंद्र मोदी की तारीफ की।



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