फेडरेशन के पक्षपात से छिटका तूलिका का गोल्ड: ‘चहेती’ के लिए वेट कैटेगरी हटाई, आखिरी पलों में जोड़ा, तैयारी के लिए सिर्फ ढाई महीने मिले

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नई दिल्ली36 मिनट पहले

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तूलिका मान 78+ KG में भारत को पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड मेडल दिलाने से चूक गईं। वे वर्ल्ड की नंबर-1 खिलाड़ी स्कॉटलैंड की सारा एडलिंग्टन से मुकाबला हार गईं।

तूलिका पहले सारा पर भारी पड़ती नजर आ रही थीं। पहले उन्होंने बढ़त भी बना ली, लेकिन आखिरी में एडलिंग्टन ने बाजी पलट दी और तूलिका को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। तूलिका को देश के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने के लिए बर्मिंघम से पहले देश में उन्हें व्यवस्था से जीतना पड़ा।

78+ KG की जगह 63 KG को तवज्जो दी गई
इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) ने इस बार जूडो का कोटा ही कम कर दिया। जूडो के लिए तीन मेंस और तीन विमेंस का कोटा निर्धारित किया गया।

जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (JFI) की टेक्निकल कमेटी ने विमेंस में 48, 57 और 63 KG वेट कैटेगिरी और मेंस में 60, 66 और 100 KGवेट कैटेगिरी को निधार्रित किया। इसमें तूलिका मान की वेट 78+ KG को जगह नहीं दी गई। उनकी वेट कैटेगरी की जगह 63 किलो वेट को तव्वजो दी गई।

सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की सिडनी एंड्रयूज को 10-1 से हराया था।

सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की सिडनी एंड्रयूज को 10-1 से हराया था।

शिकायत के बाद दोबारा शामिल किया
तूलिका ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) से लेकर IOA तक गुहार लगाई। उनके पक्ष में पूर्व सेक्रेटरी मनमोहन जयसवाल ने भी IOA और खेल मंत्रालय को पत्र लिखा।

उनका दावा है कि JFI में शामिल कुछ लोगों ने अपनी चेहती जूडोका को कॉमनवेल्थ गेम्स में भेजने के लिए ही 63 KG के वेट कैटेगिरी को शामिल किया था, जबकि इस वेट में पिछले गेम्स में भी मेडल नहीं मिले थे। दूसरी ओर 78+ KG में तूलिका ने कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में मेडल जीते थे।

78+ KG में पहले भी मेडल आ चुके है
इस वेट कैटेगिरी में पहले भी भारत को मेडल मिल चुके हैं। ऐसे में 78+ KG वेट कैटेगिरी को शामिल किया जाने को लेकर उन्होंने SAI और GFI को पत्र लिखा। जिसके बाद IOA सेक्रेटरी राजीव मेहता ने हस्तक्षेप करते हुए 63KG वेट की जगह 78+ KG वेट को शामिल किया।

IOA के सचिव राजीव मेहता के हस्ताक्षेप के बाद 78+ KG वेट कैटेगरी को शामिल किया गया।

IOA के सचिव राजीव मेहता के हस्ताक्षेप के बाद 78+ KG वेट कैटेगरी को शामिल किया गया।

2 महीने का ही समय मिला
जायसवाल ने दावा कि तूलिका के वेट को लेकर अप्रैल में IOA का फैसला आया। इसकी वजह से उन्हें तैयारी का मौका नहीं मिला। अगर तूलिका को पहले से पता होता, तो शायद वह पहले से ही तैयारी करतीं। उन्हें केवल ढाई महीने का समय ही तैयारी के लिए मिल पाया।

सिल्वर मेडल के साथ तूलिका।

सिल्वर मेडल के साथ तूलिका।

जूडो में जीते खिलाड़ी नहीं हैं टॉप्स में शामिल
फेडरेशन की आपसी गुटबाजी का नुकसान जूडो खिलाड़ियों को उठाना पड़ा है। फेडरेशन की गुटबाजी के कारण ही इसे सस्पेंड कर दिया गया है। इसकी वजह से खिलाड़ियों की बात रखने वाला भी कोई नहीं है।

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले तीनों खिलाड़ी टॉप्स योजना में शामिल नहीं हैं। बर्मिंघम में मेंस के 60 KG वेट में विजय कुमार यादव ने ब्रॉन्ज मेडल और विमेंस में 48 किलो वेट में सुशीला लिकमाबाम और 78+में तुलिमान ने ब्रॉन्ज मेडल जीते।

कॉमनवेल्थ गेम्स खेलने जाने वाले जुडोका
मेंस टीम: विजय कुमार यादव (60KG ), जसलीन सिंह सैनी (66 KG ), दीपक देशवाल (100 KG )। विमेंस टीम: सुशीला लिकमाबाम (48 KG ), सुचिका तारियाली (57 KG ), तूलिका मान (78+ KG )

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