पात्रा चॉल घोटाले में 2 और जगह ED के छापे: संजय और प्रवीण राउत से आज आमने-सामने बैठाकर पूछताछ हो सकती है

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मुंबई31 मिनट पहले

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एक हजार करोड़ से ज्यादा के पात्रा चॉल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई में दो जगह और छापे मारे में हैं। हालांकि, यह छापेमारी कहां चल रही है ED ने इसकी जानकारी नहीं दी है। ED से जुड़े सूत्रों ने बताया के राउत के दो करीबियों पर ये कार्रवाई हो रही है।

वहीं, शिवसेना सांसद संजय राउत 4 अगस्त तक ED की कस्टडी में हैं। ED ने उन्हें इस घोटाले का सक्रिय साजिशकर्ता बताया है। घोटाले में पहले से गिरफ्तार प्रवीण राउत को संजय का ‘फ्रंटमैन’ बताया गया है। ED आज प्रवीण और संजय राउत को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है।

शिवसेना सांसद संजय राउत के करीबी होने के कारण प्रवीण को महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) से जरूरी मंजूरी मिली। ED का दावा है कि अब तक की जांच से पता चला है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवीण द्वारा अवैध रूप से प्राप्त 112 करोड़ रुपए में से 1 करोड़ 6 लाख रुपए सीधे संजय राउत और उनके परिवार को दिए गए। ED ने यह भी दावा किया है कि यह राशि और अधिक हो सकती है।

राउत के घर मिली थी साढ़े ग्यारह लाख की नकदी
रविवार को संजय राउत के घर की तलाशी के दौरान ED को साढ़े ग्यारह लाख रुपए नकद मिले थे। राउत या उनके परिवार के लोग इस रकम का सोर्स नहीं बता सके थे। ED ने इस रिकवरी को अपनी जांच में दर्ज कर लिया है। पात्रा चॉल घोटाला 1043 करोड़ रुपए का है। राउत इस केस में आरोपी हैं।

हिरासत में लिए जाने के बाद राउत ने भगवा दुपट्टा लहराया और हाथ उठाकर समर्थकों को विक्ट्री साइन दिखाया था।

हिरासत में लिए जाने के बाद राउत ने भगवा दुपट्टा लहराया और हाथ उठाकर समर्थकों को विक्ट्री साइन दिखाया था।

भगवा दुपट्टा लहराते निकले थे राउत
महाराष्ट्र में उद्धव सरकार गिरने के ठीक 31 दिन बाद यानी रविवार को जब राउत ED ऑफिस के लिए निकले तो उनके तेवर देखने लायक थे। राउत घर से निकले तो भगवा दुपट्टा लहराते नजर आए। रवाना हुए, तो लग्जरी एसयूवी की छत से विक्ट्री साइन दिखाया। इतना ही नहीं, अपने समर्थकों की नारेबाजी पर मुट्ठी बांधकर दोनों हाथ हवा में लहराते रहे।

राउत से ED ने 9 घंटे तक पूछताछ की, फिर अरेस्ट किया था
ED ने शिवसेना सांसद संजय राउत से रविवार को 9 घंटे पूछताछ की थी। भांडुप में उनके बंगले मैत्री पर सुबह सात बजे ED टीम पहुंची थी। 10 अफसरों ने राउत और उनके विधायक भाई सुनील राउत के कमरों की तलाशी ली। टीम ने उनसे और उनके परिवार वालों से भी पूछताछ की। कहा गया है कि राउत राउत जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। उन्हें 27 जुलाई को भी तलब किया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए थे।

दादर में राउत का फ्लैट सील
ED ने रविवार को राउत का दादर वाला फ्लैट सील कर दिया था। आरोप है कि संजय राउत ने पात्रा चॉल जमीन घोटाले के पैसे से यह फ्लैट खरीदा था।

अब तक 11 करोड़ की संपत्ति जब्त
यह मामला मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा चॉल से जुड़ा है। यह महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का भूखंड है। इसमें करीब 1034 करोड़ का घोटाला होने का आरोप है। इस केस में संजय राउत की नौ करोड़ रुपए और राउत की पत्नी वर्षा की दो करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हो चुकी है।

आरोप है कि रीयल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रहने वालों को देने थे। शेष MHADA और उक्त कंपनी को दिए जाने थे, लेकिन साल 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था।

PMC बैंक घोटाले की जांच में उजागर हुआ मामला
2020 में महाराष्ट्र में सामने आए PMC बैंक घोटाले की जांच हो रही थी, तभी प्रवीण राउत की कंस्ट्रक्शन कंपनी का नाम सामने आया था। तब पता चला कि बिल्डर की पत्नी के बैंक खाते से संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपए का कर्ज दिया गया था। आरोप है कि संजय राउत ने इसी पैसों से दादर में एक फ्लैट खरीदा था।

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