पाकिस्तान में बाढ़ से हिस्टोरिकल प्लेस को खतरा: 4500 साल पुराने हैं पुरातत्व स्थल, सिंध प्रांत सबसे ज्यादा तबाह

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इस्लामाबादएक घंटा पहले

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पाकिस्तान में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अब तक बाढ़ से करीब 1343 लोगों की मौत हो चुकी है। पाकिस्तान में 4500 साल पुराने हिस्टोरिकल प्लेस गिरने की आशंका है। मोहनजोदड़ो के खंडहर सिंधु नदी के किनारे सिंध प्रांत में हैं। मोहनजोदड़ो को मृतकों का टीला भी कहा जाता है। बाढ़ से पाकिस्तान के सिंध प्रांत सबसे ज्यादा तबाही हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिंध प्रांत में स्थित किले, मकबरे और पुरातत्व स्थल अब बाढ़ के पानी के कारण ढहने के कगार पर हैं। मोहनजोदड़ो, रानीकोट किला, तख्त-ए-भाई, चौखंडी मकबरा जैसे कई हिस्टोरिकल प्लेस खतरे में है। इनमें सबसे पुराना मोहनजोदड़ो है। यह सिंघु घाटी सभ्यता का सबसे परिपक्व शहर है। यह सिन्धु नदी के किनारे सक्खर जिले में स्थित है।

इसकी खोज रखालदास बनर्जी ने 1922 में की थी। यहां पर खुदाई के समय बड़ी मात्रा में इमारतें, धातुओं की मूर्तियां, और मुहरें मिले थे। अब तक इस शहर के एक-तिहाई भाग की ही खुदाई हो सकी है।

मोहनजोदड़ो की खोज 1922 में हुई थी। यह सिंध के सक्खर जिले में स्थित है।

मोहनजोदड़ो की खोज 1922 में हुई थी। यह सिंध के सक्खर जिले में स्थित है।

5000 साल पुरानी दीवारें ढ़ही

साइट के क्यूरेटर अहसान अब्बासी ने बताया कि कई हिस्टोरिकल प्लेस क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मजदूरों ने पुरातत्व स्थलों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। 5000 साल पुरानी कई दीवारें ढ़ह गई हैं। रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने पाकिस्तान के कई पुरातत्व स्थलों को नुकसान पहुंचाया है। साइट के हिस्टोरिकल प्लेस बौद्ध स्तूप में भी कई दीवारें गिर गई हैं।

पाकिस्तान का सिंध प्रांत में बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही मची। मोहनजोदड़ो को भी नुकसान पहुंचा है।

पाकिस्तान का सिंध प्रांत में बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही मची। मोहनजोदड़ो को भी नुकसान पहुंचा है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने बुधवार को कहा कि हम अपने लोगों के साथ पाकिस्तान जा रहे है। पाकिस्तान ने दुनिया से मदद मांगी है। आपदा के समय पाकिस्तान की मदद करना जरूरी है। आज यह पाकिस्तान में है कल और कहीं भी हो सकता है।

संयुक्त राष्ट्र ने इमरजेंसी मदद के लिए मंगलवार को ऑफिशियल तौर पर 160 मिलियन डॉलर की अपील की। पाकिस्तान के लोग संकट में है। पाकिस्तानी लोग मानसून का सामना कर रहे हैं, बारिश और बाढ़ से काफी प्रभावित हुए हैं। रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने पाकिस्तान के कई पुरातत्व स्थलों को नुकसान पहुंचाया है। हिस्टोरिकल प्लेस बौद्ध स्तूप में भी कई दीवारें गिर गई हैं।

अमेरिका और यूरोप के देशों ने पाकिस्तान को कुछ मदद की थी, हालांकि ये इतनी नहीं है कि इससे हालात सुधर जाएं। चीन ने अब तक सिर्फ ऐलान किया है, लेकिन कोई मदद नहीं भेजी। करीब 3 करोड़ से ज्यादा पाकिस्तानी बेघर हो चुके हैं।

भारत से फूड आइटम्स इंपोर्ट पर विचार

पाकिस्तान के फाइनेंस मिनिस्टर मिफ्ताह इस्माइल ने 1 सितंबर को कहा कि पाकिस्तान में बाढ़ से हजारों लोगों की मौत हो गई। कई लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं। देश में सभी फसलें नष्ट हो गई हैं। पाकिस्तान में फूड आइटम्स के रेट बढ़ गए हैं। इसकी वजह से बाढ़ पीड़ित लाखों लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हम भारत से सब्जियां और दूसरे फूड आइटम्स इम्पोर्ट करने पर विचार कर रहे हैं।

इस्माइल ने सोशल मीडिया पर लिखा- एक से ज्यादा इंटरनेशनल एजेंसियों ने सरकार से संपर्क किया है। कहा- उन्हें भारत से फूड आइटम्स लाने की अनुमति दी जाए साथ ही सीमा पर लगे प्रतिबंध में भी ढ़ील दी जाए।

कुछ जरूरी दवाएं ही इंपोर्ट होती हैं
भारत ने 2005 में भूकंप और 2010 में बाढ़ आने के बाद पाकिस्तान को राहत सामग्री भेजी थी। 2014 में मोदी सत्ता में आए। इसके बाद से दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं हैं। भारत ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35 ए हटा दी थी। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत से तमाम तरह का ट्रेड बंद कर दिया है। फिलहाल जरूरी दवाएं ही भारत से इम्पोर्ट की जाती हैं।

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