पंजाब DGP कुर्सी का सस्पेंस बढ़ा: UPSC की मंजूरी से लगे छुट्‌टी से लौट रहे भावरा; हटाने के लिए लीगल ओपिनियन ले रही सरकार

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चंडीगढ़29 मिनट पहले

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DGP वीके भावरा और गौरव यादव।

पंजाब में 4 सितंबर के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) वीके भावरा होंगे या गौरव यादव ही रहेंगे, इसको लेकर सस्पेंस बढ़ गया है। UPSC की मंजूरी से लगे वीके भावरा 4 सितंबर को छुट्‌टी से लौट रहे हैं। सरकार ने फिलहाल उनकी जगह गौरव यादव को कार्यकारी डीजीपी लगाया है।

ऐसे में फिर से भावरा को डीजीपी लगाना होगा या गौरव यादव पुलिस फोर्स हैड बने रहेंगे, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा। सरकार भावरा को फिर नहीं लगाना चाहती, इसलिए लीगल ओपिनियन लिया जा रहा है।

2 साल के लिए नियुक्त किए गए भावरा
राज्य की पिछली कांग्रेस सरकार के वक्त वीके भावरा DGP बने थे। उनकी नियुक्ति UPSC से आए पैनल के बाद की गई। सुप्रीम कोर्ट के बनाए नियमों के मुताबिक यह नियुक्ति 2 साल के लिए हुई है। पिछली सरकार ने 10 IPS अफसरों का पैनल UPSC को भेजा था। उसमें से 3 अफसर शॉर्टलिस्ट होकर आए थे। जिसमें से भावरा को नियुक्त किया गया।

हटाया तो सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज कर सकते हैं भावरा
इस मामले में अहम बात यह है कि अगर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार उन्हें छुट्‌टी से लौटने पर डीजीपी नहीं लगाती तो वह इसे सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो फिर CM भगवंत मान की अगुआई वाली सरकार की मुश्किल बढ़ सकती है।

हाउसिंग कार्पोरेशन में लगाना चाहती है सरकार
AAP सरकार वीके भावरा को पंजाब पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन का चीफ लगाना चाहती है। इसके लिए अंदरखाते तैयारियां भी की जा रही हैं। हालांकि परमानेंट डीजीपी के तौर पर नियुक्त भावरा इसके लिए राजी नहीं हुए तो सरकार के लिए यह फैसला आसानी से संभव नहीं होगा।

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