पंजाब में स्कूली बच्चों को किताबें नहीं मिली: पूर्व शिक्षा मंत्री बोले- सरकार के पास कागज नहीं, यही है दिल्ली मॉडल की पढ़ाई

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चंडीगढ़13 मिनट पहले

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पूर्व शिक्षा मंत्री परगट सिंह।

पंजाब के सरकारी स्कूलों में बच्चों को किताबें न मिलने पर सियासी घमासान मच गया है। कांग्रेस सरकार में शिक्षा मंत्री रहे परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरा है। परगट ने कहा कि सरकार बनने के 5 महीने बाद भी CM भगवंत मान सरकार पंजाब के सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स को किताबें तक उपलब्ध नहीं करवा सकी।

दूसरी तरफ पेपर सिर पर हैं। अब कह रहे हैं कि किताबों की छपाई के लिए सरकार के पास कागज नहीं है। यही दिल्ली मॉडल की पढ़ाई है। अभी आम आदमी पार्टी ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।

विधायक परगट सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए भी सरकार पर निशाना साधा।

विधायक परगट सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए भी सरकार पर निशाना साधा।

कागज की कमी सामने आई
सूत्रों के मुताबिक कागज की कमी की वजह से किताबें नहीं छापी जा सकी। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अफसरों की मोहाली में मीटिंग हुई थी। जिसमें इस बात को लेकर भी चर्चा हुई। किताबें छापने वाले वैंडर ने पिछले बिल क्लियर न होने की वजह से इनकार कर दिया। विभाग के पास फंड की भी कमी है। वहीं शिक्षा बोर्ड चेयरमैन योगराज शर्मा ने दावा किया कि मामला हल हो गया है। पूरी व्यवस्था बनाते हुए एक हफ्ते में किताबें बांट दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पुराने स्टूडेंट्स को किताबें मिल चुकी हैं। सिर्फ नए को देना बाकी है।

दिल्ली के शिक्षा मॉडल का प्रचार करती रही AAP
पंजाब में आम आदमी पार्टी दिल्ली के शिक्षा मॉडल का प्रचार कर ही सत्ता में आई है। आप ने दावा किया था कि सरकार बनने के बाद सरकारी स्कूलों को प्राइवेट से भी बेहतर बना देंगे। इसी वजह से कोई कमी नजर आती है तो फिर विरोधी तंज कसने का मौका नहीं छोड़ते। हाल ही में आम आदमी पार्टी ने मीत हेयर को हटाकर हरजोत बैंस को शिक्षा मंत्री बना दिया था।

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