देश को आज मिलेगा नया उपराष्ट्रपति: BJP के वोट ही धनखड़ को जिताने के लिए काफी, विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा से है मुकाबला

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नई दिल्ली24 मिनट पहले

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उपराष्ट्रपति पद के लिए आज वोटिंग होनी है। NDA की ओर से जगदीप धनखड़ और विपक्ष की ओर से मार्गरेट अल्वा उम्मीदवार हैं। इस चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सदस्य मतदान करेंगे। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे। इसके बाद तुरंत काउंटिंग होगी। देर शाम तक रिजल्ट आएगा।

सदन में दोनों सदनों को मिलाकर कुल 788 सदस्य हैं। आंकड़ों के हिसाब से एनडीए कैंडिडेट और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ की स्थिति मजबूत दिख रही है। मार्गरेट अल्वा उनको टक्कर दे रहीं हैं।

780 का निर्वाचन मंडल, 744 सांसद हिस्सा लेंगे
अभी लोकसभा में 543 सांसद हैं, जबकि राज्यसभा में 245 में से 8 सीटें खाली हैं। यानी निर्वाचन मंडल 780 सांसदों का है। ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव से दूर रहने की बात कही है। TMC के 36 सांसद हैं। इस तरह 744 सांसद वोटिंग में हिस्सा लेंगे। अगर यह सभी सांसद वोटिंग में हिस्सा लेते हैं तो बहुमत का आंकड़ा 372 रहेगा।

BJP के सांसदों से ही जीतते दिख रहे धनखड़
बीजेपी के अपने 394 सांसद हैं, यह संख्या बहुमत के आंकड़े से ज्यादा हैं। इस तरह से देखा जाए तो बीजेपी अकेले ही जगदीप धनखड़ को जितवा सकती है। उधर, बात एनडीए की करें तो 441 सांसद हैं, 5 मनोनीत का भी साथ मिला हुआ है। इस तरह से धनखड़ के पक्ष में 446 वोट हो जाते हैं। इन सभी वोटों से एनडीए जीत के अंतर बढ़ाना चाहेगी।

​​​एनडीए के अलावा भी धनखड़ को समर्थन
एनडीए के सांसदों से जगदीप धनखड़ को तो बढ़त मिलती दिख ही रही है। इसके अलावा, बीजेडी, वाईएसआरसी, बीएसपी, टीडीपी, अकाली दल और शिंदे गुट का भी समर्थन हासिल है। इनके 81 सांसद हैं।

नायडू को पीछे छोड़ सकते हैं धनखड़
आंकड़ों के हिसाब से जगदीप धनखड़ को बहुमत के आंकड़े 372 से काफी ज्यादा वोट मिलते दिख रहे हैं। यह आंकड़ा करीब 70 प्रतिशत के करीब रह सकता है। पिछले उपराष्ट्रपति चुनाव में एम वेंकैया नायडू को करीब 68 प्रतिशत वोट मिले थे। इस हिसाब से माना जा रहा है कि धनखड़ इस चुनाव में वेंकैया नायडू को पीछे छोड़ सकते हैं।

2009 में मार्गरेट अल्वा को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। अल्वा उत्तराखंड की पहली महिला राज्यपाल बनी थीं।

2009 में मार्गरेट अल्वा को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। अल्वा उत्तराखंड की पहली महिला राज्यपाल बनी थीं।

मार्गरेट अल्वा के पास इनका समर्थन
यूपीए की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के पास कांग्रेस, डीएमके, आरजेडी, एनसीपी और समाजवादी पार्टी के वोट है। इन पार्टियों के वोटों की संख्या 139 हैं। इनके अल्वा झारखंड मुक्ति मोर्चा, टीआरएस और आम आदमी पार्टी ने भी अल्वा को वोट देने का फैसला किया है। इन तीनों के 29 सांसद हैं। शिवसेना के उद्धव गुट के 9 सांसद अल्वा के साथ हैं।

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