तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम को उपभोक्ता कोर्ट का निर्देश: 17 साल से इंतजार कर रहे भक्त को सेवा टिकट दें या 45 लाख का मुआवजा दें

0
16


14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कोर्ट डिस्प्यूट रेड्रेसल कमीशन सलेम ने नोटिस जारी किया है। देवस्थानम के खिलाफ केआर हरि भास्कर ने एक याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था उसे अर्जित सेवा की नई डेट की जगह टिकट को VIP दर्शन में बदलने या सेवा का पैसा वापस करने का ऑप्शन दिया गया।

2006 में किया था सेवा के लिए भुगतान
हरि ने मेलचट वस्त्रम सेवा के लिए 17 साल पहले 12 हजार 250 रुपए का भुगतान किया था। उसे 10 जुलाई 2020 को इस सेवा को करने की डेट दी गई। लेकिन उस समय कोरोना महामारी के चलते मंदिर बंद था। इसलिए हरि ने सेवा की तारीख पोस्टपोन करने देवस्थानम के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर को चिट्‌ठी लिखी थी। इसके बाद असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने जानकारी दी कि उसकी मांग पर चर्चा चल रही है।

देवस्थानम ने तारीख की जगह ऑप्शन दिए
डिप्टी एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने एक नोटिस जारी करते हुए हरि को बताया कि TTD उसकी सेवा टिकट को वीआईपी दर्शन में बदल सकती है या फिर उसका पैसा रिफंड कर सकती है। लेकिन हरि ने इसे मानने से इंकार कर दिया और दोबारा सेवा की नई तारीख देने की अपील की। हालांकि देवस्थानम ने इसे रिजेक्ट कर दिया।

कमेटी ने कहा- 2 महीने में तारीख दे या हर्जाना भरें
मामला उपभोक्ता विवाद निवारण कमेटी तक पहुंचा तो कमेटी ने TTD को दो महीने के अंदर मेलचट वस्त्रम सेवा के लिए तारीख देने का निर्देश दिया है। ऐसा न होने पर हरि को उसकी राशि वापस की जाए। साथ ही यह भी कहा कि इस राशि को देने में देर होती है तो 6% की दर से हर साल का ब्याज जोड़कर करीब 45 लाख का मुआवजा दिया जाए।

95% लोगों ने TTD के ऑप्शन एक्सेप्ट किए
तिरुपति तिरुमाला देवस्थान ने कोरोना काल में एडवांस बुकिंग के तौर पर कुल 17,946 अर्जित सेवा टिकट दिए थे। टीटीडी ने टिकट वाले भक्तों को सेवाओं के रद्द होने के कारण धनवापसी या वीआईपी ब्रेक का ऑप्शन दिया था। जिसका इस्तेमाल 95% श्रद्धालुओं ने किया। हालांकि कुछ भक्तों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन फैसला टीटीडी के पक्ष में हुआ था।

खबरें और भी हैं…



Source link