तमाचे के बराबर होता है मौखिक अपमान: रिसर्च में दावा- अपशब्दों का असर लंबे वक्त तक रहता है, लोग प्रशंसा जल्दी भूल जाते हैं

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एम्सटर्डम18 मिनट पहले

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जब कोई इंसान किसी का अपशब्दों से अपमान करता है, तो इसका असर लंबे समय तक बना रहता है। अपमानजनक बातें दिल में चुभती हैं और जोरदार तमाचे की तरह महसूस होती हैं। यह खुलासा नीदरलैंड्स में हुई एक नई रिसर्च से हुआ है। वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियों के दिमाग की एक्टिविटी को रिकॉर्ड किया। इसमें पाया गया कि शब्दों का हमारे जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है।

शब्दों के माध्यम से किया गया मौखिक अपमान गाल पर मारे गए एक तमाचे की तरह होता है। यह दिमाग में नकारात्मक भावना पैदा करता है। अपमान हमारी प्रतिष्ठा के लिए खतरा है और हमारे ‘स्व’ के खिलाफ। शब्द ही भाषा और भावनाओं के बीच इंटरफेस करने का अनूठा अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे में यह हमारे जेहन में लंबे समय तक बने रहते हैं।

ऐसे हुई रिसर्च
व्यक्ति इसके बारे में बार-बार क्यों सोचता है, यह जानने के लिए इस शोध में दो ग्रुप्स बनाए गए। एक ग्रुप के लोगों को अपमानजनक टिप्पणी की रिकॉर्डिंग सुनाई गई। वहीं, किसी करीबी का नाम बताते हुए कहा गया कि यह शब्द संबंधित व्यक्ति के हैं। दूसरे ग्रुप के लोगों को प्रशंसा के वाक्य सुनाए गए, लेकिन इसमें व्यक्ति का नाम नहीं बताया गया।

पहले ग्रुप में पाया गया कि वे बार-बार पूरी इंटेंसिटी के साथ शब्द याद कर रहे हैं, जबकि दूसरे ग्रुप में लोग काफी शांत रहे। यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी के डॉ मारिजन स्ट्रूक्स्मा और उनकी टीम ने 79 महिला प्रतिभागियों पर EEG और त्वचा की हरकत से इस एक्सपेरिमेंट की शुरुआत की।

किसी भी माध्यम से किया गया अपमान एक सा होता है
मौखिक तौर पर किया गया अपमान चेहरे पर मिनी-थप्पड़ की तरह होता है। यदि किसी व्यक्ति का अपमान, बार-बार, कई माध्यमों से किया जाए, तो सब एक जैसा ही असर करते हैं। अप्राकृतिक वातावरण में और काल्पनिक लोगों के बयानों के साथ ऐसा ही होता है।

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