चीन पर UN की रिपोर्ट: शिनजियांग में उइगरों को टॉर्चर किया जा रहा, ये मानवता के खिलाफ अपराध है

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जिनेवा13 मिनट पहले

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चीन के शिनजियांग क्षेत्र में उइगर, जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यक हैवानियत का शिकार हो रहे हैं। यह खुलासा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग पर आई रिपोर्ट से हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया कि यहां लोगों के मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्हें बंधक बनाकर टॉर्चर किया जा रहा है।

UN की रिपोर्ट में कहा गया कि शिनजियांग में लोगों को हिरासत में रखा जा रहा है। जबरन मेडिकल ट्रीटमेंट कराया जा रहा है। उनके अंग निकालकर ब्लैक मार्केट में बेचे जा रहे हैं। इन लोगों के साथ जेंडर और सेक्शुअल वायलेंस भी हो रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया कि चीन के शिनजियांग क्षेत्र में बंधक 15 लाख से ज्यादा उइगर, जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया कि चीन के शिनजियांग क्षेत्र में बंधक 15 लाख से ज्यादा उइगर, जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है।

चीन नहीं चाहता था कि ये रिपोर्ट पब्लिश हो
UN की ये रिपोर्ट काफी पहले पब्लिश होनी थी, लेकिन चीन इसका विरोध करता आ रहा है। चीन नहीं चाहता था कि ये रिपोर्ट सामने आए। चीनी सरकार का कहना है कि इसे पश्चिमी देशों के नजरिए से बनाया गया है। सरकार का मानना है कि ये रिपोर्ट चीन की छवि खराब करने के लिए बनाई गई है। चीन के विरोध और दबाव के बावजूद इस रिपोर्ट को पब्लिश किया गया।

इंटरनेशनल क्राइम कर रहा है चीन
चीन पर हमेशा से ही उइगर, जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में उइगर और अन्य जातीय अल्पसंख्यकों को भेदभावपूर्ण तरीकों से गिरफ्तार किया जा रहा है। उनका कानूनी हक छीना जा रहा है। इसे मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध के रूप में देखा जा सकता है, जो अंतरराष्ट्रीय अपराध है।

ट्रेनिंग सेंटर और साइकेट्रिक हॉस्पिटल पर उठे सवाल

2015 से अब तक 99 एक्टिविस्ट को जबरदस्ती साइकेट्रिक हॉस्पिटल में भर्ती करने के बाद टॉर्चर किया गया।

2015 से अब तक 99 एक्टिविस्ट को जबरदस्ती साइकेट्रिक हॉस्पिटल में भर्ती करने के बाद टॉर्चर किया गया।

रिपोर्ट में चीन के वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग सेंटर और साइकेट्रिक हॉस्पिटलों में हो रहे इलाज पर सवाल उठाए गए। एक ह्यूमन राइट्स ग्रुप ने दावा किया था कि चीन पॉलिटिकल प्रिजनर्स और एक्टिविस्ट्स को मनोरोगी हॉस्पिटल में सजा दे रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि साइकेट्रिक हॉस्पिटल में भर्ती किए गए विक्टिम्स के साथ मार-पीट की जाती है। उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक दिया जाता है। कई बार तो उन्हें महीनों तक कमरे में बंद कर दिया जाता है।

उइगर मुस्लिमों की जबरन नसबंदी
चीनी सरकार के अधिकारी डिटेंशन सेंटर में अल्पसंख्यकों को कैद करके रखते हैं। यहां उन्हें जबरन दवाइयां देते हैं। उन पर परिवार नियोजन और बर्थ कंट्रोल नीतियों की भेदभावपूर्ण नीति लागू की जाती है।

चीन पर कई बार आरोप लगे हैं कि डिटेंशन सेंटरों में लोगों के अंग निकालने जाते हैं।

चीन पर कई बार आरोप लगे हैं कि डिटेंशन सेंटरों में लोगों के अंग निकालने जाते हैं।

चीन में मानवाधिकार की स्थिति गंभीर
UN मानवाधिकार आयोग की कमिशनर मिशेल बाचेलेट के 4 साल का कार्यकाल पूरा होने के 13 मिनट पहले जारी की गई। दिसंबर 2021 में मिशेल बाचेलेट ने इस रिपोर्ट को जल्द से जल्द पब्लिश करने की बात कही थी, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहीं और उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था।

मिशेल ने कहा- रिपोर्ट पब्लिश होने में देरी हुई, लेकिन मैं इसे मेरे कार्यकाल में ही पब्लिश होते देखना चाहती थी। ये गंभीर मुद्दा है।

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