चीन का दूसरे दिन फिर मिलिट्री ड्रिल शुरू: चीनी जेट्स ताइवान एयरस्पेस में घुसे, पेलोसी बोलीं- हम ताइवान को अकेला नहीं छोड़ेंगे

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बीजिंग/ताइपे2 मिनट पहले

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चीन ने ताइवान के पास दूसरे दिन की मिलिट्री ड्रिल शुरू कर दी है। इस दौरान चीन के जेट्स फिर से ताइवान के एयरस्पेस में घुस गए। ताइवानी डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा- शुक्रवार सुबह कई चीनी फाइटर जेट्स और शिप ने ताइवान स्ट्रेट की मीडियन लाइन को पार किया है। वे जानबूझकर ताइवान स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहे हैं। ताइवान के इर्दगिर्द 6 इलाकों में ये सैन्य अभ्यास चल रहा है।

अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान विजिट को लेकर चीन और ताइवान के बीच विवाद बढ़ गया था। 2 अगस्त को पेलोसी ताइवान पहुंची थीं। उनके लौटते ही चीन ने ताइवान के पास 4 अगस्त को मिलिट्री ड्रिल शुरू कर दी।

US संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा से मुलाकात की।

US संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा से मुलाकात की।

जापान पहुंची नैंसी
इसी बीच, ताइवान विजिट के बाद नैंसी पेलोसी जापान पहुंचीं। उन्होंने चीनी सैन्य अभ्यास की निंदा की। पेलोसी ने कहा- अमेरिकी अधिकारियों को ताइवान यात्रा करने से रोककर चीन ताइवान को अलग-थलग नहीं कर सकता। हम ताइवान को आइसोलेट नहीं होने देंगे। अमेरिका चीन को ऐसा करने से रोकेगा।

कल 11 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं
ये एक्सरसाइज 7 अगस्त तक चलेगी। सैन्य अभ्यास के पहले दिन चीन के 100 से अधिक फाइटर जेट्स ने ताइवान के उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी एयरस्पेस में उड़ान भरी थी। ताइवान के उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिमी तट के पास 11 डोंगफेंग बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी थीं।

चीन ने फुजियान प्रांत में पिंगटन द्वीप के पास मिलिट्री एक्सरसाइज की शुरुआत की। चीन का ये द्वीप ताइवान के बेहद करीब है।

चीन ने फुजियान प्रांत में पिंगटन द्वीप के पास मिलिट्री एक्सरसाइज की शुरुआत की। चीन का ये द्वीप ताइवान के बेहद करीब है।

चीन की मिसाइलें जापान के इलाके में गिरीं
चीन की ओर से दागी गई 5 बैलिस्टिक मिसाइलें जापान के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) में गिरीं। जापान के रक्षा मंत्री नोबुओ किशी ने बताया कि डिप्लोमैटिक चैनल के जरिए इस घटना का विरोध दर्ज कराया गया।

नक्शे से समझिए कहां हो रहा सैन्य अभ्यास

चीन ने इस मिलिट्री एक्सरसाइज को ‘लाइव फायरिंग’ नाम दिया है। चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह मिलिट्री ड्रिल ताइवानी तट से सिर्फ 16 किमी दूर की जा रही है। इसमें असली हथियारों और गोला-बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा है। चीन पहले यह ड्रिल ताइवान से करीब 100 किमी दूर करता था, लेकिन नैंसी के दौरे के बाद अब बेहद नजदीक पहुंच गया है।

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