खबरों में घुसे रहने की आदत बीमार बना रही: दुखभरे समाचार बार-बार देखने की इच्छा लत हो सकती है, इससे लोग चिड़चिड़ा हो रहे

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न्यूयॉर्क2 घंटे पहले

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अगर आपको टीवी या फोन पर एक ही समाचार बार-बार देखने या पढ़ने की इच्छा होती है, तो इसका शरीर और दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है। खासतौर पर अगर खबर दुखभरी है, जैसे- कोरोना, युद्ध की खबर या फिर कोई हादसा।

अमेरिका की टेक्सस टेक यूनिवर्सिटी ने एक अध्ययन किया है। उसमें सामने आया है कि लोगों की खबरों में घुसे रहने की आदत उन्हें बीमार बना रही है। उनमें चिड़चिड़ापन, तनाव व स्ट्रेस लेवल बढ़ रहा है। साथ ही स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है। दुखभरे समाचारों को गहराई से पढ़ने की लत को डूमस्क्रोलिंग नाम दिया गया है।

हेल्थ कम्यूनिकेशन जर्नल में प्रकाशित ये अध्ययन 1100 लोगों पर किया गई है। इनमें से लगभग 17% लोग गंभीर रूप से डूमस्क्रोलिंग के शिकार हैं। यानी उन्हें बुरी खबरों के बारे में ज्यादा जानने की लत लग चुकी है। इस लत से उन्हें दुनिया खतरनाक जगह लगने लगती है।

जो कम न्यूज देखते हैं वे घर में ज्यादा खुशमिजाज, शांत
ऑस्ट्रेलिया की डॉक्टर केट मैनेल बताती हैं कि कोरोना के बाद से लोगों की डूमस्क्रोलिंग की आदत बढ़ी है। खबरों से कभी-कभी थोड़ी दूरी बनाकर रखना आपको शांत और एकाग्र इंसान बना सकता है। ऐसे लोगों घर पर ज्यादा खुशमिजाज भी रहते हैं।

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