कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला कप्तान ने तोड़ा धोनी का रिकॉर्ड: रेलवे में नौकरी करने वाली हरमनप्रीत का खेल देखा तो सचिन ने की थी सिफारिश

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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय महिला टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 42वीं जीत दर्ज की। वहीं इस जीत के साथ कप्तान हरमनप्रीत कौर ने धोनी का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया। 2007 टी20 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान एमएस धोनी के नेतृत्व में भारतीय टीम ने 41 टी20 इंटरनेशनल मैच जीते हैं। इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली हैं, जिनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने टी20 इंटरनेशनल प्रारूप में 30 मैचों में जीत हैं। हरमनप्रीत सबसे ज्यादा टी20 मैच जीतने वाली भारतीय कप्तान बन गईं। बता दें कि ये कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पहली जीत है। भारतीय टीम ने ग्रुप-ए के दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान को आठ विकेट से हरा दिया।

एक समय में कहा जाता था कि क्रिकेट पुरुषों का खेल है, लेकिन हरमनप्रीत ने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर के साबित कर दिया कि महिलाएं भी पुरुषों से किसी भी मायने में कम नहीं है। आइए आपको हरमनप्रीत के यहां तक पहुंचने का सफर और उन दूसरी भारतीय महिला क्रिकेटरों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने पुरुषों के रिकॉर्ड तोड़े हैं।

बचपन से ही क्रिकेट में रुचि रही

भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर का जन्म अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी 8 मार्च साल 1989 में हुआ था। पंजाब के मोगा जिले में जन्मी हरमनप्रीत के पिता का नाम हरमंदर सिंह भुल्लर है और मां का नाम सतविंदर सिंह है। हरमनप्रीत के पिता एक अच्छे वॉलीबॉल और बास्केटबॉल खिलाड़ी रहे हैं। इसलिए बचपन से हरमनप्रीत के मन में खेलों के लिए रुचि रही।

20 साल की उम्र में किया पहला डेब्यू

हरमनप्रीत क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के खेल को सबसे ज्यादा पसंद करती और उन्हें देख-देख कर सीखने की कोशिश करती थीं। औपचारिक तौर पर हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट में अपना डेब्यू 20 साल की उम्र में किया था। 2009 में पाकिस्तान महिला क्रिकेट अर्क राइवल्स के खिलाफ हरमनप्रीत कौर ने मैच खेला था। इसी साल उन्हें महिला क्रिकेट टीम में विश्वकप में खेलने का भी मौका मिला।

साल 2012 में उन्होंने वुमन टी-20 एशिया कप के फाइनल मैच में भारतीय टीम की कप्तानी की। उस समय मिताली राज जो कि टीम की कप्तान थीं और झूलन गोस्वामी उपकप्तान थीं, लेकिन दोनों ही घायल होने के कारण मैच से बाहर हो गई थी, इसलिए हरमनप्रीत को कप्तानी करने का मौका मिला और उनकी कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीता था।

आसान नहीं था हरमनप्रीत का सफर

हरमनप्रीत ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता हरमिंदर सिंह भुल्लर वालीबॉल और बास्केटबॉल के खिलाड़ी हैं, लेकिन वो क्रिकेट भी खेला करते थे। हरमन ने अपने पिता को देखकर ही क्रिकेट खेलना शुरू किया। वो अपने छोटे भाई और उनके दोस्तों के साथ क्रिकेट खेला करते थीं। उनके पिता को एहसास हुआ कि अगर उनकी ट्रेनिंग करवाई जाए तो वह अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं।

उनकी अकादमी घर से 30 किलोमीटर दूर थी। कुछ दिन उन्होंने रोज 30 किलोमीटर आना-जाना किया। इसी बीच अकादमी के कोच कमलदीश सिंह सोढ़ी में उनकी मदद की। उन्होंने हरमनप्रीत को निशुल्क कोचिंग दी और उनके लिए ठहरने की व्यवस्था भी की। इसके अलावा हरमनप्रीत की मदद सचिन ने भी की थी। हरमनप्रीत धोनी की तरह रेलवे में नौकरी करती थी। हालांकि हरमन को नौकरी के लिए संघर्ष करना पड़ा, उच्च अधिकारियों ने इनके आवेदन को ठुकरा दिया था। जिसके बाद पूर्व महिला क्रिकेटर डायना एडुलजी ने मिताली के प्रदर्शन के बारे मे सचिन को बताया और उनके लिए मदद मांगी। सचिन ने तब राज्यसभा के सदस्य के तौर पर रेलवे के बड़े अधिकारियों को चिट्ठी लिखी और तब जाकर उन्हें वेस्टर्न रेलवे में नौकरी मिल गई।

रेलवे में नौकरी लेने में सचिन तेंदुलकर ने की थी मिताली की मदद।

रेलवे में नौकरी लेने में सचिन तेंदुलकर ने की थी मिताली की मदद।

मिताली राज ने तोड़ा था सचिन का रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट पूर्व कप्तान मिताली राज सचिन तेंदुलकर का सबसे लंबा करियर होने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था। सचिन का वनडे करियर 22 साल 91 दिन का है, जबकि मिताली का वनडे करियर 22 साल 231 दिनों का है। इसके साथ वह दुनिया की पहली क्रिकेटर हैं जिसका करियर 22 साल 100 दिन से अधिक का है।

मिताली के अलावा स्मृति मंधाना ने भी टी20 इंटरनेशनल मैचों में अपने 2 हजार रन पूरे कर लिए हैं। इस तरह वह विराट कोहली और रोहित शर्मा के क्लब में शामिल हो गई हैं।

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