कर्नाटक लीडरशिप से राहुल गांधी की अपील: 2023 विधानसभा चुनावों के लिए मिलकर काम करें; अंदरूनी मामलों पर पब्लिक में बात न करें

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बेंगलुरु37 मिनट पहले

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राहुल गांधी दो दिनों के कर्नाटक दौरे पर हैं। मंगलवार को उन्होंने कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में भाग लिया। यहां पर आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। इसी बैठक में राहुल ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे एकता बनाएं रखें।

कर्नाटक कांग्रेस में कलह के संकेतों के बीच राहुल गांधी ने शीर्ष नेतृत्व से अपील की है कि 2023 के विधानसभा चुनावों के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने नेताओं से कहा है कि वे लीडरशिप और अंदरूनी मामलों को लेकर सार्वजनिक तौर पर कोई बात न करें।

राहुल गांधी आज यानी बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के 75वें जन्मदिन के मौक पर देवनगेरे में जिला मुख्यालय में होने वाले आयोजन में शामिल होंगे। सिद्दारमैया के समर्थकों ने उनके जन्मदिन के लिए बड़ा समारोह आयोजित किया है। इसे सिद्दारमैया दल का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।

शीर्ष पार्टी नेताओं के बीच शक्ति-प्रदर्शन
कर्नाटक में कांग्रेस के दो शीर्ष नेताओं सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कलह छुपी नहीं है। सिद्दारमैया विधानसभा में पार्टी का नेतृत्व करते हैं, वहीं डीके शिवकुमार कांग्रेस के स्टेट प्रेसिडेंट हैं। अगर चुनावों में कांग्रेस जीतती है, तो कर्नाटक का मुख्यमंत्री पद किसे मिलेगा, इसी को लेकर दोनों नेताओं के बीच लड़ाई तेज होती जा रही है।

राहुल गांधी का कर्नाटक दौरा इस वक्त अहम है क्योंकि ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में कांग्रेस में फूट पड़ सकती है। हालांकि सिद्दारमैया और शिवकुमार दोनों यही कहते आ रहे हैं कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा यह पार्टी तय करेगी, लेकिन दोनों के समर्थक अपने-अपने नेता को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बता रहे हैं।

कांग्रेस महासचिव ने कहा- पार्टी ही तय करेगी मुख्यमंत्री कौन बनेगा
कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कर्नाटक में कांग्रेस यूनिट की बैठक में कमेटी ने पार्टी संगठन और पॉलिसी बनाने को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से अपील की कि वे कर्नाटक और केंद्र में भाजपा के कुशासन के खिलाफ मिलकर आक्रामक रूप से काम करें।

वेणुगोपाल ने कहा, ‘जाने-अनजाने में मीडिया के सामने कुछ बयान दिए गए थे। पार्टी के नेताओं को इस जाल में नहीं फंसना चाहिए। नेताओं को पार्टी के भीतर या बाहर अलग-अलग स्वरों में बात करने से बचना चाहिए।’पार्टी में लीडरशिप को लेकर कोई मसला नहीं है। किसी एक व्यक्ति की राय मंजूर नहीं की जाएगी। पार्टी के जीतने के बाद नए विधायक और हाई कमांड तय करेंगे कि मुख्यमंत्री किसे बनाया जाएगा।

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