आयुष्मान सेहत स्कीम पर सियासी घमासान: AAP सरकार ने 16 करोड़ नहीं दिए, PGI का इलाज से इनकार; विरोधी बोले- यही इनका हेल्थ मॉडल

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चंडीगढ़9 घंटे पहले

पंजाब में आयुष्मान स्कीम के तहत 5 लाख तक कैशलेस इलाज बंद किए जाने पर सियासी बवाल मच गया है। कल PGI चंडीगढ़ ने भी 16 करोड़ बकाया न देने पर इलाज से इनकार कर दिया। इसके बाद विरोधियों ने आम आदमी पार्टी और CM भगवंत मान को घेर लिया। उन्होंने कहा कि क्या यही वह हेल्थ मॉडल है, जिसे सीएम भगवंत मान ने पंजाब में लागू किया है। वहीं वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने दावा किया कि पीजीआई में कल से इलाज शुरू हो जाएगा। पंजाब सरकार फंड जारी कर रही है।

CM भगवंत मान।

भगवंत मान इलाज के लिए दिल्ली चले गए, गरीब कहां जाए? : अकाली दल
अकाली नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाणा ने कहा कि PGI के अलावा सेक्टर 32 और 16 अस्पताल में मरीजों का इलाज बंद कर दिया गया है। PGI चंडीगढ़ का 16 करोड़, सेक्टर 16 अस्पताल के 3 करोड़ और ढाई करोड़ 32 सेक्टर मेडिकल कॉलेज का पेंडिंग पड़ा है। क्या यही पंजाब सरकार का दिल्ली मॉडल है। 300 करोड़ पंजाब के अस्पतालों का बकाया है। 40 लाख गरीब परिवार इलाज से वंचित है। सीएम के पेट में दर्द हुआ तो जहाज लेकर स्पेशल दिल्ली जाकर एडमिट हो गए थे। गरीब आदमी कहां जाए?। चंडीगढ़ और पंजाब के बड़े अस्पतालों में इस स्कीम के तहत इलाज नहीं हो रहा।

अकाली नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाणा।

अकाली नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाणा।

सीएम मान सरकार के हनीमून पीरियड से बाहर निकलें : भाजपा
भाजपा महासचिव जीवन गुप्ता ने कहा कि पंजाब सरकार के लिए यह शर्म की बात है। मोदी सरकार ने गरीब आदमी के लिए 5 लाख तक के फ्री इलाज की सुविधा दी थी। पंजाब सरकार इस पर गंभीर नहीं है। मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर लीपापोती का आम आदमी पार्टी सरकार वाहवाही बटोर रही है। इसके उलट आयुष्मान योजना का कुछ हिस्सा भी जमा नहीं करा रही। पंजाब में 6 महीने से रुपया पेंडिंग हैं। अब चंडीगढ़ ने भी इसे बंद कर दिया है। सीएम भगवंत मान सरकार के हनीमून पीरियड से बाहर आएं और पैसा जमा कराएं ताकि गरीब लोगों का इलाज हो सके।

भाजपा नेता जीवन गुप्ता।

भाजपा नेता जीवन गुप्ता।

जानबूझकर प्राइवेट अस्पतालों को लाभ तो नहीं पहुंचा रहे : कांग्रेस
पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने CM भगवंत मान को पूछा कि क्या यही वह हेल्थ मॉडल है, जिसे वे पंजाब पर लागू करना चाहते थे। अब PGI ने भी बकाया न देने पर इलाज से मना कर दिया है। उन्होंने शक जताया कि कहीं यह जानबूझकर तो नहीं किया जा रहा कि मरीज इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हो जाएं।



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